कई बार जीवन में ऐसा महसूस होता है कि बिना किसी स्पष्ट कारण के हमारे प्रयास रुक जाते हैं। आगे बढ़ते कदम अटक जाते हैं, लोग विरोध करने लगते हैं और सफलता के साथ ईर्ष्या भी बढ़ने लगती है। कुछ शत्रु सामने होते हैं, तो कुछ छिपे हुए। ऐसे समय में मन अस्थिर हो जाता है और यह समझ नहीं आता कि रुकावटें कहाँ से आ रही हैं। ऐसे समय में पूर्णिमा का दिन नकारात्मक प्रभावों को शांत करने और मानसिक स्थिरता प्राप्त करने का पवित्र अवसर माना जाता है। माघ मास की पूर्णिमा को लेकर शास्त्रों में विशेष मान्यता है। इस दिन किए गए अनुष्ठान विद्वानों द्वारा कई गुना फलदायी माने जाते हैं।
माघी पूर्णिमा, साल की सबसे बड़ी पूर्णिमाओं में गिनी जाती है। दिव्य काल में की गई यह महापूजा, साधकों के लिए जीवन में सुरक्षा, स्थिरता और आंतरिक शक्ति को मजबूत करने का अद्भुत अवसर बन सकता है। शास्त्रों में इस तिथि को महाविद्याओं की पूजा के लिए प्रमुख माना गया है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, महाविद्याओं की उत्पत्ति भगवान शिव और देवी सती के बीच हुए एक विवाद से हुई थी।
जब भगवान शिव ने देवी सती को उनके पिता के यज्ञ में जाने से रोका, तो देवी ने अपने 10 रूप प्रकट किए और भगवान शिव को चारों दिशाओं से घेर लिया। यही दस रूप दस महाविद्याओं के रूप में प्रसिद्ध हुए। वैदिक परंपरा में इन दस महाविद्याओं की साधना का विशेष महत्व है, जिनमें से पांच महाविद्याएं अत्यंत पूजनीय मानी जाती हैं।
5 महाविद्याएँ और उनका महत्व:
मां काली: समय, सृजन और विनाश की अधिष्ठात्री, नकारात्मकता का नाश कर जीवन में नई शुरुआत का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
मां तारा: ज्ञान, करुणा और आध्यात्मिक उन्नति की देवी, कठिन समय में मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।
मां षोडशी (त्रिपुरसुंदरी): सौंदर्य, संतुलन और पूर्णता की देवी, जीवन में समृद्धि और स्थिरता लाती हैं।
मां भुवनेश्वरी: सृष्टि की अधिष्ठात्री, सफलता और उन्नति का आशीर्वाद देती हैं।
मां बगलामुखी: विजय, नियंत्रण और शांति की देवी, शत्रुओं और बाधाओं पर विजय दिलाती हैं।
यह विशेष पूर्णिमा अनुष्ठान शक्तिपीठ कालीघाट मंदिर में आयोजित किया जा रहा है। इसमें भाग लेकर साधक अपने जीवन में सुरक्षा, स्थिरता, समृद्धि और देवी शक्ति से गहन जुड़ाव का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।
🙏 इस दुर्लभ अवसर पर भाग लेकर आप पूरे साल जीवन में सकारात्मकता का अनुभव कर सकते हैं और देवी शक्ति से सुरक्षा, मानसिक शांति और सही निर्णय लेने की दिशा प्राप्त कर सकते हैं।