🪔 मंगल दोष को जीवन में न सिर्फ विवाह बाधा, बल्कि पारिवारिक कलह, अचानक क्रोध, स्वास्थ्य समस्याएं और कार्यों में रुकावट का प्रमुख कारण माना जाता है। सनातन धर्म में ऐसे दोष की शांति और नाश के लिए मां बगलामुखी का तंत्रोक्त हवन अत्यंत प्रभावशाली उपाय माना गया है। मां बगलामुखी को ‘स्तंभन शक्ति’ की देवी कहा जाता है, जो नकारात्मक ग्रह प्रभावों और उग्र मंगल की ऊर्जा को शांत कर सकती हैं। विधि-विधान से संपन्न इस तंत्रोक्त हवन से मंगल ग्रह की उग्रता नियंत्रित होती है, विवाद शांत होते हैं और विवाह के साथ-साथ करियर से जुड़ी रुकावटें भी दूर होने लगती हैं। यह महाहवन भक्तों को अशुभ प्रभावों से सुरक्षा, साहस और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के द्वार खोल सकता है।
🪔 मंगलवार का दिन मंगल ग्रह को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन मंगल दोष शांति के लिए मां बगलामुखी की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। शास्त्रों में मां बगलामुखी को शत्रु, बाधा और उग्र ग्रह प्रभावों को स्तंभित करने वाली देवी कहा गया है। मंगलवार को की गई उनकी साधना से कुंडली में स्थित उग्र मंगल शांत होता है, जिससे दांपत्य कलह, क्रोध और अचानक होने वाली परेशानियों में कमी आती है। मां बगलामुखी की कृपा से मानसिक संतुलन बढ़ता है, निर्णय क्षमता मजबूत होती है और जीवन में स्थिरता व सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
🪔 हरिद्वार स्थित मां बगलामुखी सिद्धपीठ में यह महानुष्ठान होने जा रहा है, जो तंत्रोक्त साधना और ग्रह दोष शांति का अत्यंत प्रभावशाली केंद्र माना गया है। यह सिद्धपीठ विशेष रूप से मंगल दोष, शत्रु बाधा और नकारात्मक ऊर्जाओं के निवारण के लिए प्रसिद्ध है। मंगलवार का दिन मंगल ग्रह को समर्पित होने के कारण यहां की गई मां बगलामुखी पूजा कई गुना फल प्रदान कर सकती है। इस दिन विधिपूर्वक की गई साधना से कुंडली में उग्र मंगल शांत होने की मान्यता है और जीवन की अटकी हुई स्थितियों में गति आती है। मां बगलामुखी की दिव्य कृपा से साधक को साहस, स्थिरता, मानसिक स्पष्टता और अशुभ ताकतों पर विजय का आशीर्वाद मिलता है।
📿 श्री मंदिर द्वारा आयोजित मंगल दोष शांति के लिए मां बगलामुखी तंत्र युक्त हवन में भाग लें और जीवन में मंगल दोष को शांत करने और अशुभ प्रभावों से सुरक्षा का दिव्य आशीर्वाद पाएं…