दस महाविद्याओं में माँ बगलामुखी को आठवीं महाविद्या माना जाता है। उन्हें ऐसी दिव्य शक्ति के रूप में पूजा जाता है, जो शत्रुओं की ताकत को शांत करती हैं और नकारात्मक प्रभावों को रोकती हैं। उन्हें “शत्रु बुद्धि विनाशिनी” भी कहा जाता है, यानी वे शत्रुओं की गलत सोच और बुरी योजनाओं को नष्ट करने वाली हैं। वहीं दूसरी ओर, संकटमोचन भगवान हनुमान को अपार शक्ति, साहस और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी का स्मरण मात्र करने से ही नकारात्मक शक्तियाँ दूर हो जाती हैं और जीवन में हिम्मत और आत्मविश्वास बढ़ता है।
मंगलवार का दिन विशेष रूप से हनुमान जी को समर्पित होता है और इसी दिन माँ बगलामुखी की पूजा भी बहुत फलदायी मानी जाती है। इसलिए मंगलवार के दिन इन दोनों शक्तियों की संयुक्त पूजा अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। इसी शुभ अवसर पर हरिद्वार के माँ बगलामुखी धाम में यह विशेष महापूजा आयोजित की जा रही है।
🌸 माँ बगलामुखी और हनुमान जी की संयुक्त साधना का महत्व
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, माँ बगलामुखी शत्रु से जुड़ी परेशानियों को शांत करने वाली शक्ति हैं, जबकि भगवान हनुमान साहस, सुरक्षा और विजय के प्रतीक हैं। जब इन दोनों की एक साथ पूजा की जाती है, तो जीवन में एक मजबूत दिव्य सुरक्षा कवच बनने की भावना मानी जाती है।
माँ बगलामुखी शत्रु बुद्धि विनाशिनी यज्ञ उन लोगों के लिए किया जाता है, जो बार-बार विरोध, ईर्ष्या, छिपे हुए शत्रुओं या बाधाओं का सामना कर रहे होते हैं। इस यज्ञ के माध्यम से माँ से प्रार्थना की जाती है कि वे नकारात्मक प्रभावों को कमजोर करें और जीवन की रुकावटों को दूर करें।
हनुमान शत्रुंजय पूजन भगवान हनुमान की शक्ति और सुरक्षा पाने के लिए किया जाता है। “शत्रुंजय” का अर्थ है शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने वाला। यह पूजा व्यक्ति को साहस, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति देने से जुड़ी मानी जाती है।
✨श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष पूजा में भाग लेकर भक्त माँ बगलामुखी और भगवान हनुमान की संयुक्त कृपा से अपने जीवन में सुरक्षा, साहस और विजय का आशीर्वाद प्राप्त करने की भावना से जुड़ सकते हैं।