🌟 गुप्त नवरात्रि वह पावन समय है जब देवी की सबसे गुप्त और शक्तिशाली शक्तियाँ जागृत होती हैं। सामान्य नवरात्रि के विपरीत, इन नौ पवित्र रात्रियों में साधक गहन भक्ति और एकाग्र साधना के माध्यम से देवी की कृपा प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि इस समय माँ बगलामुखी, काल भैरव और हनुमान जी जैसे रक्षक देवताओं की शक्तियाँ विशेष रूप से सक्रिय हो जाती हैं, जो भक्तों को नकारात्मकता से बचाकर शांति और विजय की ओर ले जाती हैं।
जब जीवन में हर ओर रुकावटें महसूस हों चाहे वह छिपे शत्रु हों, अचानक हानि हो या पिछले जन्मों के कर्मों का बोझ, तब देवभूमि हरिद्वार की आध्यात्मिक ऊर्जा आशा और उपचार का केंद्र बनती है। शास्त्रों में बताया गया है कि ऐसे कष्ट अक्सर नकारात्मक शक्तियों, अधूरे कर्मों या शत्रु प्रभाव से उत्पन्न होते हैं। गुप्त नवरात्रि में की गई पूजा इन अदृश्य बाधाओं को शांत कर जीवन में संतुलन लाने में सहायक मानी जाती है।
🌟 इसी पावन समय में हरिद्वार की पवित्र भूमि पर माँ बगलामुखी, काल भैरव एवं संकट मोचन हनुमान सर्व कष्ट निवारण पूजा एवं यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
माँ बगलामुखी- अष्ट महाविद्या, अपनी स्तम्भन शक्ति के लिए जानी जाती हैं, जो नकारात्मक शक्तियों को शांत और निष्क्रिय करती हैं।
श्री काल भैरव- समय के रक्षक हैं, जो भय, अहंकार और कर्म दोष का नाश करते हैं।
संकट मोचन हनुमान- बल और भक्ति के प्रतीक हैं, जो बाधाओं को दूर कर साहस प्रदान करते हैं और कठिन परिस्थितियों को विजय में बदलते हैं।
🌟 वैदिक मंत्रों, यज्ञ आहुति और विधि-विधान से की गई यह महापूजा दुर्भाग्य के प्रभाव को शांत कर भक्त के चारों ओर दिव्य सुरक्षा कवच बनाती है। देवभूमि उत्तराखंड में सम्पन्न यह पूजा माँ बगलामुखी, भैरव और हनुमान जी की संयुक्त शक्ति से जीवन में सुरक्षा, स्पष्टता और सफलता प्रदान करती है।
✨ श्री मंदिर द्वारा आयोजित यह सर्व कष्ट निवारण महापूजा शत्रुओं पर विजय, मानसिक शांति और निर्भय व समृद्ध जीवन के लिए विशेष मानी जाती है। इस अनुष्ठान के पुण्य फल के भागी बनें।