😔 जीवन में कई बार ऐसा लगता है कि प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिल रही, बाधाएं लगातार आ रही हैं और नकारात्मक ऊर्जा मानसिक शांति भंग कर रही है। ऐसे समय में मौनी अमावस्या का दिन अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। इस वर्ष की साल की पहली मौनी अमावस्या 19 जनवरी को रात 1:21 बजे तक रहेगी, और इसी दिन से गुप्त नवरात्रि का पहला दिन भी प्रारंभ हो जाएगा। यह दुर्लभ संयोग भक्तों के लिए जीवन में सुरक्षा, स्थिरता, आध्यात्मिक शक्ति और मानसिक संतुलन प्राप्त करने का विशेष अवसर बन सकता है।
✨ज्योतिषीय पंचांग के अनुसार, मौनी अमावस्या का दिन विशेष फलदायी मानी जाती है क्योंकि नकारात्मक ऊर्जाएं अपने चरम पर होती हैं। इन्हें शांत करने और जीवन में सुरक्षा प्राप्त करने के लिए भक्त इस दिन विशेष देवी-देवताओं की आराधना करते हैं। इस पवित्र दिन मां बगलामुखी, काल भैरव और संकट मोचन हनुमान की पूजा अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। मां बगलामुखी, दस महाविद्याओं में आठवीं देवी, वाद-विवाद में विजय, शत्रुओं पर नियंत्रण और मानसिक बल के लिए पूजी जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीराम और पांडवों ने भी अपने विजय पथ में उनकी आराधना की थी।
✨काल भैरव, जोकि भगवान शिव का उग्र और रक्षक रूप है। वह भय और अनिश्चितता को दूर करते हैं। वहीं संकट मोचन हनुमान, भगवान शिव के अवतार माने जाते हैं। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, उन्होंने लक्ष्मण को संजीवनी बूटी देकर बचाया और कालनेमि राक्षस का वध किया। इस मौनी अमावस्या और गुप्त नवरात्रि के पहले दिन इस दिव्य संयुक्त अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है:
👉 मां बगलामुखी की पूजा हरिद्वार के सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर में
👉 काल भैरव और संकट मोचन हनुमान की पूजा काशी के काल भैरव मंदिर में
✨ आप भी श्री मंदिर के माध्यम से इस दुर्लभ और शक्तिशाली संयुक्त अनुष्ठान में भाग लेकर इन देवताओं की कृपा से जीवन की सभी बाधाओं, भय और शत्रु दोषों से सुरक्षा, स्थिरता और मानसिक शांति प्राप्त कर सकते हैं।