अमावस्या का समय सनातन परंपरा में अत्यंत प्रभावशाली आध्यात्मिक काल माना जाता है। यह वह समय होता है जब साधक देवी-देवताओं की उपासना करके जीवन में आने वाली बाधाओं, शत्रु बाधाओं और नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा की कामना करता है। विशेष रूप से अमावस्या की रात्रि में की गई प्रार्थना को मन की शांति, साहस और दिव्य संरक्षण से जोड़ा जाता है।
इसी पावन अवसर पर महाकाल क्षेत्र में माँ बगलामुखी, काल भैरव और संकट मोचन हनुमान जी की संयुक्त पूजा और यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह अनुष्ठान उन भक्तों के लिए किया जाता है जो जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं, विरोधियों की नकारात्मक सोच, भय या अनिश्चितता से राहत चाहते हैं। सनातन मान्यताओं में इन तीनों दिव्य शक्तियों को सुरक्षा और साहस का प्रतीक माना गया है। जब इनकी संयुक्त आराधना की जाती है, तो जीवन में सुरक्षा का एक मजबूत आध्यात्मिक कवच बनने की भावना जुड़ी मानी जाती है।
तीनों देव शक्तियों का क्या महत्व है?
माँ बगलामुखी – विरोधियों की नकारात्मक सोच और हानिकारक इरादों को शांत करने वाली शक्ति मानी जाती हैं।
काल भैरव – भगवान शिव का उग्र रूप, जो भक्तों की रक्षा कर भय और संकटों को दूर करने वाले देवता माने जाते हैं।
संकट मोचन हनुमान – साहस, शक्ति और कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने की प्रेरणा देने वाले देवता माने जाते हैं।
अमावस्या के दिन इन तीनों शक्तियों की संयुक्त पूजा को विशेष रूप से प्रभावशाली माना जाता है, क्योंकि यह साधना जीवन में सुरक्षा, साहस और स्थिरता का भाव स्थापित करने से जुड़ी मानी जाती है। इस अनुष्ठान में सर्व कष्ट निवारण पूजा और यज्ञ किया जाएगा, जिसमें वैदिक मंत्रों और पवित्र आहुति के माध्यम से देवी-देवताओं का आह्वान किया जाता है। अग्नि में दी गई आहुति जीवन की नकारात्मकता, भय और बाधाओं को शांत करने का प्रतीक मानी जाती है।
माँ बगलामुखी, काल भैरव और संकट मोचन हनुमान की यह विशेष पूजा दो अत्यंत पवित्र स्थलों पर संपन्न की जाएगी। माँ बगलामुखी की पूजा हरिद्वार स्थित सिद्धपीठ माँ बगलामुखी मंदिर में श्रद्धा और विधि-विधान के साथ की जाएगी, जिसे देवी की विशेष कृपा का स्थान माना जाता है। वहीं काल भैरव और संकट मोचन हनुमान की आराधना काशी के विक्रांत भैरव मंदिर में की जाएगी, जो भगवान भैरव की शक्तिशाली उपासना के लिए प्रसिद्ध है। इन दोनों पवित्र स्थलों की आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ किया गया यह अनुष्ठान जीवन में शत्रु बाधाओं से सुरक्षा, साहस और मानसिक स्थिरता की कामना से जुड़ा माना जाता है। इस अमावस्या पर आयोजित इस विशेष पूजा में भाग लेकर भक्त माँ बगलामुखी, काल भैरव और हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने की भावना से जुड़ सकते हैं।
👉 मां बगलामुखी की पूजा हरिद्वार के सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर में
👉 काल भैरव और संकट मोचन हनुमान की पूजा काशी के विक्रांत भैरव मंदिर में
श्री मंदिर के माध्यम से आप इस पावन अनुष्ठान में अपना संकल्प जोड़कर माँ बगलामुखी, काल भैरव और हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।