💫गुरुवार का दिन भगवान दत्तात्रेय की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। भगवान दत्तात्रेय को त्रिदेव- ब्रह्मा, विष्णु और महेश का संयुक्त रूप और परम गुरु माना जाता है। इस दिन की गई पूजा से आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है और पितृ दोष से जुड़ी बाधाओं को शांत करने में सहायता मिलती है। जीवन में आने वाली कई परेशानियाँ- जैसे बार-बार रुकावटें, स्वास्थ्य समस्याएँ, संतान से जुड़ी चिंता, पारिवारिक तनाव या आर्थिक दिक्कतें कभी-कभी पितृ दोष से जुड़ी मानी जाती हैं। ऐसे समय में भक्त भगवान दत्तात्रेय से मार्गदर्शन, सुरक्षा और राहत की प्रार्थना करते हैं।
💫श्री गुरु चरित्र पारायण और तिल तर्पण पितृ दोष से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए किया जाने वाला पवित्र अनुष्ठान है। गुरु चरित्र का पाठ मन को शक्ति, स्पष्टता और सही दिशा देता है, वहीं तिल तर्पण से पितरों को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। यह संयुक्त साधना जीवन में संतुलन लाने, बार-बार आने वाली रुकावटों को कम करने और परिवार, स्वास्थ्य व विकास के लिए सकारात्मक वातावरण बनाने में सहायक मानी जाती है।
🌸 इस पूजा के आध्यात्मिक और व्यावहारिक लाभ
💫यह पूजा काशी स्थित श्री दत्तात्रेय मंदिर में विधि-विधान से अनुभवी पंडितों द्वारा की जाएगी। भक्त श्री मंदिर के माध्यम से घर बैठे भी इस पूजा में भाग ले सकते हैं। इस पूजा में भाग लेने से पितृ दोष से राहत, स्वास्थ्य या संतान से जुड़ी कामनाओं के लिए आशीर्वाद, पारिवारिक और कार्य जीवन में सहजता तथा मन की शांति की प्रार्थना की जाती है। वहीं, गुरुवार को भगवान दत्तात्रेय की पूजा से पितरों से जुड़ी ऊर्जाओं में संतुलन आता है, छिपी रुकावटें कम होती हैं और जीवन में स्थिरता व दिव्य मार्गदर्शन का अनुभव होता है।