जब जीवन में विरोध, छल और विवाद बढ़ने लगते हैं, तब कई बार सच्चा होने के बाद भी व्यक्ति स्वयं को कमजोर महसूस करने लगता है। कभी झूठे आरोप, कभी शत्रुओं की साजिश, तो कभी लंबे समय तक चलने वाले कोर्ट-कचहरी के मामले मन की शांति और आत्मविश्वास को कम कर देते हैं। ऐसे समय में एक ऐसी दिव्य शक्ति की आवश्यकता होती है जो अन्याय को शांत करे, सत्य को प्रकट करे और जीवन में संतुलन बनाए।
ऐसे ही समय में माँ बगलामुखी की उपासना अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। दस महाविद्याओं में माँ बगलामुखी का आठवाँ स्थान बताया गया है। देवी भागवत पुराण के अनुसार जब माँ सती ने भगवान शिव को रोकने के लिए दस रूप धारण किए, तब माँ बगलामुखी “स्तंभन शक्ति” के रूप में प्रकट हुईं। यह शक्ति नकारात्मकता को रोकने, शत्रुओं की गलत वाणी और गलत योजनाओं को शांत करने का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि विधि-विधान से की गई उनकी पूजा साधक के जीवन में स्थिरता लाती है और विरोधियों की योजनाएँ कमजोर होने लगती हैं।
इसी दिव्य भाव से हरिद्वार स्थित सिद्धपीठ माँ बगलामुखी मंदिर में लीगल विजय संकल्प पूजा का आयोजन किया जा रहा है। गंगा तट के निकट स्थित यह मंदिर माँ की विशेष कृपा का स्थान माना जाता है। यहाँ किए गए मंत्र जाप और पूजा-विधि मन को शांति देने और विचारों को स्पष्ट करने का माध्यम बनते हैं।
यह विशेष पूजा उन भक्तों के लिए है —
🔸 जो कोर्ट-कचहरी के मामलों या झूठे आरोपों में फँसे हैं।
🔸 जिन्हें शत्रु बाधा या छिपे विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
🔸 जो परिवार या संपत्ति से जुड़े विवादों से परेशान हैं।
🔸 जिन्हें कार्यस्थल पर विरोध या मानहानि का सामना करना पड़ रहा है।
🔸 जो जीवन में न्याय और सुरक्षा का अनुभव करना चाहते हैं।
श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष पूजा में संकल्प जोड़कर भक्त माँ बगलामुखी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं, जिससे मन को संतुलन और जीवन को स्थिरता मिलती है।