हम अक्सर पूरी मेहनत करते हैं, फिर भी धन हाथ में टिकता नहीं लगता। अनियमित खर्च, आर्थिक अस्थिरता और भविष्य की चिंता मन को भारी कर देती है। हिंदू शास्त्र बताते हैं कि सच्ची आर्थिक स्थिरता केवल परिश्रम से नहीं आती, बल्कि वह दिव्य शक्ति के प्रवाह से आती है। यह शक्ति माँ लक्ष्मी की कृपा से प्राप्त होती है। जब उनकी कृपा जागृत होती है, तो कमी समृद्धि में बदलने लगती है, संघर्ष की जगह स्थिरता आती है और घर में लक्ष्मी जी का वास होने लगता है।
पुराणों में माँ लक्ष्मी की कथाएँ उनकी महिमा को सुंदर रूप से दर्शाती हैं। समुद्र मंथन के समय वे कमल पर विराजमान होकर प्रकट हुईं और दिव्य समृद्धि का प्रकाश फैलाया। उन्होंने उन्हीं को आशीर्वाद दिया, जिनका मन शुद्ध और जीवन अनुशासित था। यह हमें सिखाता है कि धन केवल कमाया नहीं जाता, बल्कि भक्ति और सही भाव से आमंत्रित किया जाता है। जब आप सच्चे मन से माँ लक्ष्मी से जुड़ते हैं, तो वे अभाव को अवसर में बदल देती हैं।
शुक्रवार का दिन माँ लक्ष्मी की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दिन लक्ष्मी पूजा के साथ मंत्र जाप करने से मन और भाव सीधे माँ से जुड़ते हैं। पूजा में कमल के फूल, मिठाई और पवित्र सामग्री अर्पित की जाती है तथा उनके मंत्रों का जाप किया जाता है, जिससे समृद्धि का भाव बनता है और धन आकर्षित होता है। यह पूजा एक पावन शक्तिपीठ में की जाती है, जहाँ वित्तीय रुकावटें दूर होने, नए रास्ते खुलने और धन के स्थायी रूप से जीवन में रहने की प्रार्थना की जाती है।
श्री मंदिर द्वारा आयोजित इस विशेष लक्ष्मी पूजा के माध्यम से आप माँ लक्ष्मी को अपने घर में वास करने का निमंत्रण देते हैं। यह पूजा आपके आर्थिक जीवन को स्थिरता, सौभाग्य और दिव्य समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाती है। माँ लक्ष्मी की कृपा आपके मार्ग को रोशन करे और आपके सपनों को वास्तविक समृद्धि में बदले।