अधिक मास की शुरुआत एक दुर्लभ और अत्यंत पवित्र समय के रूप में होती है। यह ऐसा समय माना जाता है जब की गई पूजा, जाप और सेवा का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा, जो अधिक मास का पहला दिन है, पूरे महीने की दिशा तय करने वाला माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया संकल्प और प्रार्थना अगले 30 दिनों तक फल देने वाले होते हैं। इसलिए यह दिन धन प्रवाह को सक्रिय करने, समृद्धि आकर्षित करने और आर्थिक स्थिरता लाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
हम सभी जानते हैं कि एक वर्ष में 12 महीने होते हैं, लेकिन कुछ वर्षों में एक अतिरिक्त महीना आता है, जिसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। यह एक दुर्लभ और दिव्य समय होता है। शास्त्रों के अनुसार, इस महीने को पहले अन्य महीनों जितना महत्व नहीं दिया जाता था, लेकिन भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम देकर इसे सबसे पवित्र बना दिया और कहा कि इस समय की गई पूजा का फल सामान्य समय से कई गुना अधिक मिलता है। इसी कारण अधिक मास का पहला दिन केवल शुभ ही नहीं, बल्कि एक ऐसा विशेष अवसर है जब धन, समृद्धि और आर्थिक उन्नति के लिए किए गए प्रयास जल्दी फल देने वाले माने जाते हैं।
सनातन परंपरा में अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित होता है। यह समय जीवन में आर्थिक असंतुलन को ठीक करने, धन से जुड़ी रुकावटों को कम करने और स्थिरता व समृद्धि प्राप्त करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पवित्र महीने की शुरुआत मजबूत संकल्प के साथ करने से उसके परिणाम कई गुना बढ़ जाते हैं।
इसी उद्देश्य से इस दिन लक्ष्मी प्राप्ति 5 कुंडीय लक्ष्मी-नारायण महायज्ञ और सर्वतोभद्र पूजन का आयोजन किया जा रहा है। शास्त्रों में कहा गया है कि जब पूजा में कई पवित्र तत्व शामिल होते हैं, तो उसका प्रभाव अधिक होता है। विशेष रूप से पंच कुंडीय यज्ञ (5 कुंड वाला यज्ञ) को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है, क्योंकि इससे यज्ञ का फल कई गुना बढ़ जाता है।
यह विशेष महायज्ञ भगवान विष्णु को समर्पित प्रसिद्ध एट्टेलुथुपेरुमल मंदिर में किया जाएगा। इस पवित्र स्थान पर किया गया यज्ञ और भी अधिक प्रभावशाली माना जाता है, जिससे धन वृद्धि, कर्ज से राहत, समृद्धि और आय में स्थिरता प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
🔥 इस दिन किया गया अनुष्ठान अगले 30 दिनों तक फल देता है 🔥
यह महापूजा आपको अधिक मास की शुरुआत एक मजबूत आर्थिक संकल्प के साथ करने का अवसर देती है। लक्ष्मी-नारायण यज्ञ और सर्वतोभद्र पूजन की संयुक्त शक्ति से जीवन में धन से जुड़ी बाधाओं को कम करने, कर्ज के बोझ को हल्का करने और नए आय के रास्ते खोलने में मदद मिलती है।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से इस पवित्र अनुष्ठान में भाग लेकर आप भी इस दुर्लभ अवसर का लाभ उठा सकते हैं। इस विशेष समय में की गई प्रार्थनाएं और संकल्प आपको समृद्धि, स्थिरता और सफलता की ओर आगे बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।