अक्षय तृतीया को स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। यह एक बहुत ही शुभ और शक्तिशाली तिथि होती है, जिसमें किया गया हर पूजा, मंत्र जाप या साधना अक्षय फल देता है, यानी उसका असर कभी खत्म नहीं होता और समय के साथ बढ़ता ही रहता है। इसलिए इस दिन किए गए अनुष्ठान जीवन में स्थायी धन, समृद्धि, कार्य में सफलता और लगातार आर्थिक वृद्धि देने वाले माने जाते हैं।
इस पवित्र अवसर पर कोल्हापुर के दिव्य श्री महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर में धन और सौभाग्य के लिए विशेष महालक्ष्मी अक्षय तृतीया महापूजा की जा रही है। यह मंदिर माता लक्ष्मी के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। कोल्हापुर की मां महालक्ष्मी को धन, सौभाग्य और भौतिक व आध्यात्मिक समृद्धि देने वाली देवी माना जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना आर्थिक परेशानियों को दूर करती है और जीवन में स्थिरता व सफलता लाती है।
✨ इस महापूजा का सबसे महत्वपूर्ण भाग है तीन विशेष स्तोत्रों का पाठ-
🔸 श्री सूक्त – ऋग्वेद से लिया गया यह स्तोत्र मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है और स्थिर एवं बढ़ती हुई संपत्ति के लिए किया जाता है।
🔸 पुरुष सूक्त – यह भगवान विष्णु को समर्पित है। जब इसे श्री सूक्त के साथ पढ़ा जाता है, तो लक्ष्मी-नारायण दोनों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, धन और स्थिरता आती है।
🔸 कनकधारा स्तोत्र – यह समृद्धि का स्तोत्र माना जाता है। मान्यता है कि आदि गुरु शंकराचार्य ने इसके पाठ से स्वर्ण वर्षा का आह्वान किया था।
इस महापूजा में अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर 1100 श्री सूक्त पाठ, 1100 पुरुष सूक्त पाठ और 1100 कनकधारा स्तोत्र पाठ किया जाएगा। अक्षय तृतीया का पावन समय, कोल्हापुर महालक्ष्मी का आशीर्वाद और इन तीनों स्तोत्रों का 1100 बार पाठ मिलकर इस अनुष्ठान को अत्यंत प्रभावशाली बना देता है।
🙏 इस महापूजा में शामिल होकर भक्त धन वृद्धि, व्यापार में सफलता, आर्थिक स्थिरता और माता लक्ष्मी की निरंतर कृपा की प्रार्थना करते हैं।