🦀 चंद्र ग्रहण – मन और भावनाओं की रक्षा का एक शक्तिशाली काल
सनातन धर्म में चंद्र ग्रहण को आध्यात्मिक रूप से अत्यंत संवेदनशील समय माना जाता है। शास्त्रों में ऐसा उल्लेख मिलता है कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा की ऊर्जा कुछ समय के लिए प्रभावित हो जाती है, जिससे मन, भावनाएँ और संबंधों पर असर पड़ सकता है। चंद्रमा को मन, मातृत्व स्नेह, भावनात्मक संतुलन और आंतरिक सुरक्षा का कारक माना जाता है।
कर्क राशि के जातकों के लिए चंद्रमा ही स्वामी ग्रह है। इसलिए चंद्र ग्रहण का प्रभाव उन पर विशेष रूप से माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यदि चंद्रमा अशांत या पीड़ित हो तो भावनात्मक उतार चढ़ाव, संबंधों में गलतफहमियाँ, मन की अस्थिरता और आर्थिक निर्णयों में भ्रम उत्पन्न हो सकता है। इस कारण ग्रहण काल में चंद्र शांति अनुष्ठान करना अत्यंत शुभ और लाभकारी माना गया है। इन प्रभावों को शांत करने के लिए 10,000 चंद्र मंत्र जाप तथा पंच महादान शांति पूजा वैदिक विधि और पवित्र संकल्प के साथ कर्क राशि के जातकों हेतु संपन्न की जा रही है।
🕉️ कर्क राशि के लिए चंद्र मंत्र जाप क्यों महत्वपूर्ण है
वैदिक ज्योतिष के अनुसार मजबूत चंद्रमा प्रदान करता है:
- भावनात्मक शक्ति और शांति
- प्रेमपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण संबंध
- आर्थिक सूझबूझ और स्थिरता
- मानसिक स्पष्टता और आत्मविश्वास
ग्रहण के दौरान “ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र का जाप मन की अशांति को शांत करने और संवेदनशील ऊर्जा को संतुलित करने में सहायक माना जाता है। पंच महादान को भी एक प्रभावशाली कर्म शांति उपाय माना गया है, जो चंद्र से जुड़े पूर्व कर्म दोषों को कम करने में सहायक माना जाता है।
🛕 यह अनुष्ठान सोमेश्वर महादेव मंदिर में ही क्यों?
यह अनुष्ठान पवित्र नगरी प्रयागराज स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में संपन्न किया जा रहा है। भगवान शिव के सोमेश्वर स्वरूप का अर्थ है “सोम अर्थात चंद्र के स्वामी” पुराणों में वर्णन है कि देवों के देव महादेव अपनी जटाओं में अर्धचंद्र धारण करते हैं, जो मन और ब्रह्मांडीय लय पर उनके नियंत्रण का प्रतीक है।
प्रयागराज को तीर्थराज कहा जाता है, जहाँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का पावन संगम है। ऐसे दिव्य स्थल पर शिव मंदिर में चंद्र से संबंधित शांति उपाय करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
श्री मंदिर द्वारा आयोजित इस पूजा में सहभागी बनें। मान्यता है कि यह अनुष्ठान भावनात्मक अस्थिरता को शांत करने, संबंधों में सामंजस्य स्थापित करने और चंद्र से जुड़े ग्रह प्रभावों को संतुलित करने में सहायक सिद्ध होता है। 🕉️🌕