हिंदू धर्म में कालाष्टमी एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है, जिसमें भगवान काल भैरव की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान भैरव की विधिवत पूजा से वो शीघ्र प्रसन्न होते हैं और आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। महाकाल की नगरी उज्जैन, अष्टभैरव की तपोस्थली है और इन अष्टभैरवों में विक्रांत भैरव दूसरे स्थान पर हैं।
स्कंद पुराण में वर्णित है कि विक्रांत भैरव उज्जैन में निवास करते हैं। भैरव का यह स्वरूप भगवान शिव का उग्र रूप है, जिनकी पूजा से भक्तों को साहस और निर्भयता का आशीर्वाद मिलता है। कालाष्टमी के शुभ दिन पर दिनांक 31 मई 2024 को उज्जैन के श्री विक्रांत भैरव मंदिर में काल भैरव तंत्रोक्त महायज्ञ एवं कालभैरवाष्टकम का आयोजन किया जाएगा। श्रीमंदिर के माध्यम से इसमें भाग लें और भगवान भैरव से आशीर्वाद प्राप्त करें।