रविवार के दिन भैरव बाबा की पूजा करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भैरव पूजा करने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं और साधक की सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। महाकाल की नगरी उज्जैन में अष्ट भैरव का वास है, इन अष्ट भैरव में से दूसरे नंबर पर हैं विक्रांत भैरव। स्कंद पुराण में वर्णित है कि विक्रांत भैरव उज्जैन में वास करते हैं। भैरव का यह रूप, भगवान शिव का ही उग्र स्वरूप हैं, जिनकी पूजा से भक्तों को साहस के साथ निडरता का आशीष प्राप्त होता है। जो कि नकारात्मक ऊर्जाओं को नष्ट करते हैं और किसी भी प्रकार की नुकसान एवं बाधाओं से रक्षा करते हैं। उज्जैन के विक्रांत भैरव मंदिर में दिनांक 26 मई 2024 को होने वाली पूजा में श्री मंदिर के माध्यम से भाग लें।