🔥 हिंदू परंपरा में गुप्त नवरात्रि को देवी शक्ति के गुप्त और जाग्रत स्वरूपों की उपासना का अत्यंत विशेष समय माना जाता है। शारदीय नवरात्रि के विपरीत, गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से साधकों, तंत्र साधकों और उन भक्तों द्वारा मनाई जाती है जो आत्मिक परिवर्तन, सुरक्षा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति चाहते हैं। सातवां दिन, सप्तमी, विशेष रूप से मां कालरात्रि की पूजा के लिए अत्यंत पावन माना गया है। मां कालरात्रि देवी का सबसे उग्र और शक्तिशाली स्वरूप हैं, जो भय, अज्ञान और अदृश्य नकारात्मकता का नाश करती हैं। गुप्त नवरात्रि में मां कालरात्रि की पूजा को रक्षा, साहस और छिपी हुई बाधाओं को दूर करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
प्राचीन शास्त्रों के अनुसार, जब भगवान शिव ने 51 शक्तिपीठों की स्थापना की, तब असुरों ने इन दिव्य ऊर्जा केंद्रों को नष्ट करने का प्रयास किया। इन शक्तिपीठों की रक्षा के लिए भगवान शिव ने अपने उग्र स्वरूप काल भैरव को उनका रक्षक बनाया। तभी से यह मान्यता है कि काल भैरव की कृपा के बिना शक्ति की आराधना अधूरी मानी जाती है। गुप्त नवरात्रि के दौरान मां कालरात्रि और भगवान काल भैरव की संयुक्त पूजा को अदृश्य शत्रुओं और नकारात्मक ऊर्जाओं से रक्षा का शक्तिशाली साधन माना गया है।
🕉️ गुप्त नवरात्रि सप्तमी पर कालरात्रि – काल भैरव पूजा
इस पावन गुप्त नवरात्रि सप्तमी पर उत्तराखंड स्थित कालीमठ मंदिर में कालरात्रि तंत्रोक्त हवन एवं काल भैरव अष्टकम पाठ का आयोजन किया जाएगा। यह मंदिर मां काली को समर्पित है, जिन्हें दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाली और भक्तों की रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। यह एकमात्र स्थान है जहां मां काली अपनी बहनों माता लक्ष्मी और मां सरस्वती के साथ विराजमान हैं। इस मंदिर से लगभग आठ किलोमीटर की ऊंचाई पर एक दिव्य शिला स्थित है, जिसे कालिशिला कहा जाता है। मान्यता है कि शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज से पीड़ित देवियों ने इसी स्थान पर मां भगवती की तपस्या की थी। ऐसे अत्यंत पावन स्थल पर की गई यह पूजा मां कालरात्रि और भगवान काल भैरव की कृपा को कई गुना बढ़ा देती है।
यह गुप्त नवरात्रि सप्तमी पूजा विशेष रूप से उन भक्तों के लिए लाभकारी है जो बिना कारण भय, बार-बार आने वाली बाधाओं, नकारात्मक प्रभाव या आध्यात्मिक अशांति से परेशान हैं। श्री मंदिर के माध्यम से भक्त इस दुर्लभ और शक्तिशाली संयुक्त पूजा में भाग लेकर दिव्य सुरक्षा, निर्भयता और आंतरिक शक्ति प्राप्त कर सकते हैं। गुप्त नवरात्रि में मां कालरात्रि और काल भैरव की गुप्त लेकिन प्रबल ऊर्जा को अपने जीवन में आमंत्रित करें, जो अदृश्य बाधाओं को दूर कर आपके मार्ग की रक्षा करेगी और आपको अटूट साहस व दृढ़ता प्रदान करेगी।