🔱 क्या कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता हाथ से फिसल रही है? क्या विवाह में बार-बार देरी हो रही है या करियर और आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव चल रहे हैं। वैदिक ज्योतिष में इन बाधाओं का संबंध अक्सर राहु-केतु के असंतुलन से होता है, जिसे कालसर्प दोष कहा जाता है। माना जाता है कि जब जन्म कुंडली में सभी सात ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तब यह दोष बनता है। इससे प्रभावित व्यक्ति को जीवन में अस्थिरता, मानसिक तनाव और काम बनते-बनते बिगड़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
🔱 आगामी शतभिषा नक्षत्र, जिसके स्वामी राहु देव हैं, राहु और कालसर्प दोष से जुड़े उपायों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। चैत्र कृष्ण त्रयोदशी पर पड़ने वाला यह नक्षत्र हिंदू वर्ष का अंतिम राहु नक्षत्र है, जो कर्मों की शुद्धि और ग्रहों की शांति के लिए बहुत प्रभावशाली है। शतभिषा को 'उपचार का नक्षत्र' भी कहा जाता है, जो आध्यात्मिक संतुलन के लिए एक शुभ समय है। इस पावन अवसर पर, श्री मंदिर द्वारा पवित्र श्री त्र्यंबकेश्वर तीर्थ क्षेत्र में कालसर्प दोष शांति पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
🔱 त्र्यंबकेश्वर के पास ब्रह्मगिरि पहाड़ियों से निकलने वाली गोदावरी नदी को 'दक्षिण गंगा' कहा जाता है। यह क्षेत्र हिंदू परंपरा में अत्यंत पवित्र है। सदियों से माँ गोदावरी के उद्गम स्थल के पास यह तीर्थ क्षेत्र पूर्वजों के लिए अनुष्ठान, सर्प शांति और ग्रहों के दोष निवारण के लिए मुख्य केंद्र रहा है। ऐसी मान्यता है कि पवित्र नदी के उद्गम के पास किए गए उपाय कई गुना अधिक फल देते हैं, क्योंकि बहता जल शुद्धिकरण और कर्मों से मुक्ति का प्रतीक है। भगवान शिव के त्र्यंबक स्वरूप की उपस्थिति इस स्थान को राहु-केतु शांति के लिए भारत के सबसे उत्तम स्थानों में से एक बनाती है।
यह पूजा कैसे संपन्न होगी?
इस शुभ शतभिषा नक्षत्र पर गोदावरी तीर्थ क्षेत्र के विद्वान वैदिक पुजारियों द्वारा निम्नलिखित विधि संपन्न की जाएगी:
भक्त के नाम से संकल्प।
कलश स्थापना और गणेश पूजन।
राहु-केतु शांति मंत्रों का जाप।
पारंपरिक विधि से सर्प शांति अनुष्ठान।
पूर्णता के लिए हवन और पूर्णाहुति।
यह संपूर्ण अनुष्ठान पवित्र गोदावरी उद्गम के समीप उचित वैदिक प्रक्रियाओं के साथ संपन्न किया जाएगा। इसमें भगवान शिव का आह्वान किया जाता है ताकि कालसर्प दोष के बंधन से मुक्ति मिल सके।
श्री मंदिर के माध्यम से भक्त अपने घर बैठे इस पवित्र अनुष्ठान में सम्मिलित हो सकते हैं और इस शक्तिशाली उपाय का आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।