🙏 क्या कानूनी परेशानियाँ, कोर्ट केस या लगातार विरोध आपकी शांति और शक्ति को कम कर रहे हैं? जब मामले लंबे खिंचते हैं और विरोधी हावी होते दिखते हैं, तो आपके मन में चिंता और भय बढ़ जाता है।
🙏 गुप्त नवरात्रि ऐसे ही छिपे संघर्षों के समाधान का विशेष समय माना जाता है। गुप्त नवरात्रि के पहले दिन किसी भी देवी पूजा से पहले भगवान श्री गणपति की पूजा करना आवश्यक माना गया है, क्योंकि वे विघ्नहर्ता हैं। इसी कारण पहले हरिद्रा गणपति पूजन किया जाता है, उसके बाद माँ बगलामुखी की शक्तिशाली पूजा होती है, जो शत्रुओं और कानूनी संघर्षों को नियंत्रित करने वाली देवी मानी जाती हैं।
🙏 शास्त्रों के अनुसार, माँ बगलामुखी नकारात्मक शक्तियों को रोकने और शत्रुओं की हानिकारक सोच व साजिशों को शांत करने के लिए प्रकट हुई थीं। उन्हें विवादों में विजय, झूठे आरोपों से रक्षा और कानूनी लड़ाइयों में शक्ति देने वाली देवी कहा गया है। वहीं, हल्दी से पूजित श्री हरिद्रा गणपति शुद्धता, स्पष्टता और सफलता के प्रतीक हैं। श्री हरिद्रा गणपति का पीला रंग माँ बगलामुखी की पीताम्बरा शक्ति से मेल खाता है, जिससे यह संयोजन गुप्त नवरात्रि के पहले दिन अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
🙏 इस विशेष पूजा में पहले श्री हरिद्रा गणपति की पूजा की जाती है, ताकि कानूनी रास्तों और निर्णयों में आने वाली बाधाएँ दूर हों। इसके बाद माँ बगलामुखी पूजन और महायज्ञ किया जाता है, जिसमें मंत्रों और आहुतियों के माध्यम से नकारात्मक शक्तियों, शत्रुओं और अन्यायपूर्ण स्थितियों पर नियंत्रण की प्रार्थना की जाती है। वहीं, हरिद्वार स्थित सिद्धपीठ माँ बगलामुखी मंदिर में यह पूजा होने से इसका फल और भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह स्थान शक्तिशाली देवी साधनाओं के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि के पहले दिन की यह संयुक्त पूजा कानूनी संघर्षों और विवादों में स्पष्टता, साहस और दिव्य सहारा प्रदान करती है।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष पूजा में भाग लेकर आप कठिन परिस्थितियों में सुरक्षा, विजय और आंतरिक शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।