वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था, इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार इसे पितरों को तृप्त करने का दिन भी माना गया है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने, पिंडदान करने, तर्पण आदि कार्य करने का भी विशेष महत्व होता है। इस विशेष दिन पर अपने पूर्वजों के निमित्त कार्य करने से उन्हें मुक्ति मिलने के साथ मोक्ष की प्राप्ति भी होती है और सभी पाप दूर हो जाते हैं। वहीं बोध गया, एक प्रमुख धार्मिक स्थल है जहां गौतम बुद्ध ने अपने बोध की प्राप्ति की थी। यहां स्थित गया कूप वेदी में इस शुभ दिन पर पितृ दोष निवारण पूजा का आयोजन किया जा रहा है। दिनांक 23 मई 2024, को होने वाली इस पूजा में भाग लें और पारिवारिक एकता के साथ सर्व पित्रुओं का आशीर्वाद पाएं।