संकष्टी चतुर्थी का अर्थ है संकट हरने वाली चतुर्थी तिथि। कहा जाता है कि इस दिन गणपति जी ने देवताओं का संकट दूर किया था। इस शुभ तिथि पर गणेशजी की पूजा करने से ज्ञान एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। गणेश जी को प्रथम पूज्य माना गया है, इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी की पूजा से की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश भक्तों के सभी विघ्नों एवं बाधाओं से मुक्ति प्रदान करते हैं। यही कारण इस शुभ अवसर पर उज्जैन के श्री बड़ा गणेश मंदिर में गणेश अथर्वशीर्ष पाठ, अभिषेकम पूजा और 1008 सहस्त्रनाम पाठ का आयोजन किया जा रहा है। दिनांक 27 मई 2024, को श्री मंदिर के द्वारा इस पूजा में भाग लें और गणपति जी से इच्छापूर्ति का शुभाशीष पाएं।