हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनका बच्चा हमेशा सुरक्षित, मजबूत और मानसिक रूप से संतुलित रहे। लेकिन पढ़ाई, काम या दूरी के कारण कई बार माता-पिता अपने बच्चों के पास नहीं रह पाते। ऐसे समय में यह चिंता बनी रहती है कि कहीं बच्चा अकेलापन, डर या मानसिक कमजोरी महसूस न करे। इन्हीं भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह विशेष पूजा की जाती है, जिसमें बच्चे के लिए प्रेम, सुरक्षा और शक्ति की प्रार्थना की जाती है। इसी भावना के साथ यह विशेष अग्नि अनुष्ठान और सुरक्षा कवच मंत्र साधना आयोजित की जा रही है।
भगवान हनुमान को शक्ति, साहस और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। मंगलवार का दिन उनकी पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। वैशाख शुक्ल द्वादशी के दिन किया जाने वाला यह अग्नि अनुष्ठान और मंत्र साधना बच्चों के लिए एक दिव्य सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करने की मान्यता रखता है। पवित्र अग्नि के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित किया जाता है और मंत्रों के द्वारा बच्चे के मन और जीवन में स्थिरता और शक्ति की प्रार्थना की जाती है।
इस पूजा का उद्देश्य केवल बाहरी सुरक्षा नहीं, बल्कि बच्चे के भीतर आत्मविश्वास, भावनात्मक संतुलन और मानसिक मजबूती को बढ़ाना भी है। इस अनुष्ठान के माध्यम से माता-पिता प्रार्थना करते हैं कि उनका बच्चा जीवन की चुनौतियों का बिना डर सामना करे, सही निर्णय ले और अंदर से मजबूत बने। मायापति हनुमान मंदिर में की जाने वाली यह पूजा वहां की पवित्र ऊर्जा और निरंतर पूजा परंपरा के कारण विशेष मानी जाती है।
श्री मंदिर के माध्यम से आप इस पूजा में भाग लेकर दूर रहकर भी अपने बच्चे के लिए आध्यात्मिक सुरक्षा, प्रेम और आशीर्वाद अर्पित कर सकते हैं।