जब जीवन में सब कुछ ठीक चलते हुए भी अचानक रुकावटें बढ़ने लगें, काम बनते बनते बिगड़ जाएं, घर में छोटी छोटी बातों पर तनाव बढ़ने लगे और मन हर समय भारी महसूस करे, तो उसके पीछे केवल परिस्थिति नहीं होती। लोक परंपरा और धार्मिक मान्यताओं में इसे नज़र दोष का प्रभाव माना गया है। जब कोई व्यक्ति आपकी उन्नति, सुख या सफलता को ईर्ष्या या नकारात्मक भाव से देखता है, तो उसकी नकारात्मक ऊर्जा आपके जीवन की गति को प्रभावित कर सकती है। इसके प्रभाव से अचानक आर्थिक हानि, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, मानसिक तनाव और कार्यों में बाधाएं दिखाई देने लगती हैं। धीरे धीरे आत्मविश्वास कम होता है और मन में असुरक्षा का भाव बढ़ने लगता है।
इन रुकावटों को केवल समस्या नहीं, बल्कि ऊर्जा का असंतुलन माना जाता है। इसलिए इसके समाधान में भी आध्यात्मिक संतुलन की आवश्यकता होती है। ऐसी परिस्थिति में गुरुवार को श्री बटुक भैरव और मां बगलामुखी की संयुक्त साधना को अत्यंत प्रभावी माना जाता है। सनातन धर्म में मां बगलामुखी आठवीं महाविद्या मानी जाती हैं और उन्हें स्तंभन शक्ति की देवी कहा गया है। ऐसी धारणा है कि वे शत्रुओं की वाणी को शांत कर सकती हैं और नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव को रोक सकती हैं। वहीं श्री बटुक भैरव, भैरव देव के बाल रूप माने जाते हैं और रक्षा तथा साहस प्रदान करने वाले देवता के रूप में पूजे जाते हैं।
जब इन दोनों महाशक्तियों की आराधना काशी स्थित श्री बटुक भैरव मंदिर में संपन्न होती है, तो इसका आध्यात्मिक प्रभाव और भी अधिक माना जाता है। गुरुवार को मां बगलामुखी हवन विशेष रूप से शत्रु बाधा, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन में उन्नति की कामना के लिए किया जाता है। इसके साथ श्री बटुक भैरव रक्षा कवच तंत्रोक्त अनुष्ठान संपन्न किया जाता है, जो भक्तों के चारों ओर एक अदृश्य सुरक्षा चक्र स्थापित करने का माध्यम माना जाता है। वैदिक मंत्रों और विशेष आहुतियों के साथ यह साधना केवल बाहरी बाधाओं ही नहीं, बल्कि भीतर के भय और असुरक्षाओं को भी शांत करने की दिशा देती है।
जब भैरवदेव की रक्षा शक्ति और मां बगलामुखी की स्तंभन शक्ति एक साथ कृपा प्रदान करती हैं, तो जीवन में संतुलन लौटने लगता है। मानसिक स्थिरता, साहस और आत्मविश्वास का संचार होता है। यह अनुष्ठान केवल नज़र दोष से राहत का माध्यम नहीं, बल्कि सकारात्मकता, सुरक्षा और आध्यात्मिक संरक्षण का संकल्प बन सकता है। श्री मंदिर द्वारा संपन्न इस द्वि शक्ति साधना में भाग लेकर आप भी अपने और परिवार के लिए एक मजबूत आध्यात्मिक कवच का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।