सनातन धर्म में गुप्त नवरात्रि को देवी उपासना का अत्यंत गोपनीय, शक्तिशाली और फलदायी काल माना जाता है। यह नवरात्रि मुख्य रूप से साधना, रक्षा और नकारात्मक शक्तियों के निवारण से जुड़ी होती है। ऐसा माना जाता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा के उग्र और रक्षक स्वरूपों की उपासना विशेष फल प्रदान करती है। गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि को माता की शक्ति जागरण का महत्वपूर्ण दिन माना जाता है, जब देवी अपने भक्तों को संकटों से उबारने और रक्षा प्रदान करने के लिए शीघ्र प्रसन्न होती हैं।
जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं जो मनुष्य के नियंत्रण से बाहर प्रतीत होती हैं। अचानक होने वाली बीमारियाँ, बिना कारण दुर्घटनाएँ, घर में कलह, मन में भय और असुरक्षा की भावना। शास्त्रों के अनुसार, ये समस्याएँ बुरी नजर, नकारात्मक ऊर्जा, अदृश्य बाधाओं या कर्म असंतुलन के कारण उत्पन्न होती हैं। गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि ऐसे समय में माता दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर मानी जाती है, जब उनकी रक्षक शक्ति अत्यंत सक्रिय होती है।
माता दुर्गा को सनातन परंपरा में अपने भक्तों की सर्वोच्च रक्षक कहा गया है।
उनकी दिव्य शक्ति हर प्रकार के भय, संकट और नकारात्मक प्रभाव से रक्षा करती है। पुराणों में वर्णन है कि महिषासुर नामक असुर ने तीनों लोकों में आतंक फैला दिया था और कोई भी देवता उसे रोकने में सक्षम नहीं था। तब सभी देवताओं की संयुक्त शक्तियों से माता दुर्गा का प्राकट्य हुआ। उन्हें दिव्य अस्त्र-शस्त्र और अदम्य साहस प्रदान किया गया। माता द्वारा महिषासुर वध यह दर्शाता है कि देवी के प्रकाश के सामने कोई भी नकारात्मक शक्ति टिक नहीं सकती।
इसी दिव्य कृपा की प्राप्ति के लिए श्री मंदिर द्वारा जम्मू स्थित नवदुर्गा मंदिर में विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। इस पूजन में दुर्गा सप्तशती पाठ किया जाएगा, जिसमें माता की असुरों पर विजय और उनके रक्षक स्वरूप की कथाओं का विधिपूर्वक पाठ होता है। इसके साथ चंडी हवन भी संपन्न किया जाएगा, जिसमें घी, अन्न और पुष्पों की आहुति दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस हवन के प्रभाव से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर का वातावरण शुद्ध तथा सकारात्मक बनता है। मान्यता है कि यह अनुष्ठान माता दुर्गा की विशेष कृपा को आकर्षित करता है और जीवन में स्थिरता, सुरक्षा तथा मानसिक शांति प्रदान करता है।
इस पावन अवसर पर माता दुर्गा की कृपा से घर में शांति, सुख और संरक्षण को आमंत्रित करें तथा गुप्त नवरात्रि की दिव्य ऊर्जा के साथ अपने जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करें।