यह विशेष पूजा उन दंपत्तियों और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावपूर्ण मानी जाती है जो अपने जीवन में संतान का स्वागत करना चाहते हैं। इस अनुष्ठान में की जाने वाली प्रार्थनाएँ केवल शारीरिक सुख-समृद्धि के लिए नहीं, बल्कि मानसिक धैर्य, भावनात्मक संतुलन और भीतर की शांति के लिए भी की जाती हैं- जो माता-पिता बनने की यात्रा के लिए बहुत आवश्यक माने जाते हैं। भगवान हनुमान की कृपा से घर में नई ऊर्जा, आशा और सकारात्मकता का संचार होने की भावना जुड़ी होती है।
कुछ इच्छाएँ इतनी कोमल होती हैं कि वे शब्दों में व्यक्त नहीं हो पातीं और मन में श्रद्धा के साथ शांत भाव से पलती रहती हैं। संतान की कामना भी ऐसी ही एक पवित्र भावना है। सनातन परंपरा में ऐसी इच्छाओं को मांगने के बजाय भगवान के चरणों में समर्पित किया जाता है। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है। वे साहस, सुरक्षा, सेवा भाव और अटूट विश्वास के प्रतीक हैं। इसलिए संतान के सुख और भविष्य के लिए की गई प्रार्थनाएँ उनके चरणों में अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
🟠 मंगलवार को हनुमान जी की उपासना का महत्व
मंगलवार का दिन शारीरिक शक्ति, सुरक्षा और भय से मुक्ति देने वाला माना गया है। इस दिन हनुमान जी की कृपा से —
मन को धैर्य और स्थिरता मिलती है।
अनदेखे भय और रुकावटें कम होने की भावना जुड़ी होती है।
घर-परिवार का वातावरण सकारात्मक बनता है।
लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे भक्तों का विश्वास मजबूत होता है।
शास्त्रों में बताया गया है कि हनुमान जी की सबसे बड़ी शक्ति उनका पूर्ण समर्पण है। उनका जीवन सिखाता है कि आशीर्वाद धैर्य, श्रद्धा और नियमित भक्ति से प्राप्त होते हैं। यही भाव इस पूजा में भी दिखाई देता है, जहाँ संतान की कामना करने वाले श्रद्धालु शांत मन से अपनी प्रार्थना भगवान को समर्पित करते हैं।
यह पावन अनुष्ठान उज्जैन के श्री मायापति हनुमान मंदिर में संपन्न होगा। इस मंदिर में हनुमान जी के मायापति स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि यहाँ की गई आराधना भक्तों के जीवन से कष्ट और बाधाएँ दूर करती है और विशेष कृपा प्रदान करती है।
श्री मंदिर के माध्यम से इस संतान सुख पूजा में शामिल होकर आप अपनी मन की छिपी हुई प्रार्थनाओं को भगवान हनुमान के चरणों में समर्पित कर सकते हैं। यह साधना माता-पिता बनने की कोमल यात्रा में संरक्षण, मानसिक शांति और दिव्य कृपा का अनुभव कराने का माध्यम मानी जाती है।