चंद्र ग्रहण वैदिक ज्योतिष में एक प्रभावशाली लेकिन संवेदनशील खगोलीय घटना मानी जाती है। इस समय चंद्रमा, जो मन, भावनाओं, शरीर के द्रव, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक संतुलन का कारक माना जाता है, छाया में आ जाता है। इससे बारहों राशियों पर प्रभाव पड़ता है। हालांकि हर राशि पर ग्रहण का असर उसकी ग्रह स्थिति और स्वभाव पर निर्भर करता है।
वृषभ राशि, जिसका स्वामी शुक्र है और जो शारीरिक सुख, पोषण और शरीर के संतुलन से जुड़ी मानी जाती है, उसके लिए चंद्र ग्रहण का प्रभाव स्वास्थ्य और भावनात्मक स्थिति पर अधिक दिख सकता है। इस समय वृषभ राशि के जातकों को बिना कारण थकान, शरीर में भारीपन, नींद में परेशानी, काम में मन न लगना या लोगों से दूरी बनाने की इच्छा महसूस हो सकती है। जो लोग सामान्य रूप से स्थिर और शांत रहते हैं, वे भी इस दौरान थोड़ा ज्यादा संवेदनशील या कमजोर महसूस कर सकते हैं।
ज्योतिष के अनुसार, जब चंद्रमा ग्रहण से प्रभावित होता है, तो शरीर की प्राकृतिक लय और मन का संतुलन बिगड़ सकता है। वृषभ राशि के जातकों के लिए यह असंतुलन पेट से जुड़ी परेशानी, तनाव संबंधी समस्या, शरीर को लेकर चिंता या मन में भारीपन और सुस्ती के रूप में महसूस हो सकता है। छोटी-छोटी परेशानियाँ भी इस समय बड़ी लग सकती हैं और आपके दिमाग को बार-बार आराम की इच्छा हो सकती है।
ऐसे समय में भगवान महादेव की उपासना बहुत लाभकारी मानी जाती है। भगवान महादेव को सोमेश्वर रूप में चंद्रमा धारण करने वाला माना जाता है। वे चंद्रमा से जुड़ी अशांति को शांत कर शरीर और मन में संतुलन लाने वाले माने जाते हैं। चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्र ग्रहण शांति पूजा करना चंद्रमा के अशुभ प्रभाव को शांत करने और ग्रहण से होने वाली अस्थिरता से रक्षा के लिए विशेष माना जाता है।
इसी पवित्र भावना के साथ वृषभ राशि के जातकों के लिए चंद्र ग्रहण शांति पूजा का आयोजन पूजनीय सोमेश्वर महादेव मंदिर में किया जा रहा है। यह मंदिर चंद्र से जुड़े उपायों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि यहाँ महादेव की पूजा सोम रूप में की जाती है। उज्जैन स्वयं ग्रहण और ग्रह शांति पूजा के लिए एक प्रमुख आध्यात्मिक स्थान माना जाता है।
इस पूजा के माध्यम से वृषभ राशि के जातक महादेव से अच्छे स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और ग्रहण के छिपे हुए प्रभावों से सुरक्षा का आशीर्वाद मांगते हैं। मान्यता है कि जब चंद्रमा शांत होता है, तो स्वास्थ्य अपने आप संतुलित होने लगता है, मन का भारीपन कम होता है और शरीर अपनी प्राकृतिक लय में लौट आता है।
आप श्री मंदिर के माध्यम से इस पूजा में भाग लेकर महादेव से प्रार्थना कर सकते हैं, ताकि यह चंद्र ग्रहण आपके जीवन में उपचार, स्थिरता और नई अंदरूनी शुरुआत का प्रबल समय बन सके।