वैदिक ज्योतिष में चंद्र ग्रहण को अत्यंत संवेदनशील आध्यात्मिक समय माना जाता है। इस दौरान चंद्रमा, जो मन, सोच, भावनाओं और अंतर्ज्ञान का कारक है, ग्रहण की छाया में आ जाता है। इसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है, लेकिन हर राशि पर इसका असर अलग-अलग रूप में दिखाई देता है।
धनु राशि का स्वामी गुरु है और यह राशि ज्ञान, आस्था, सही दिशा, बड़े लक्ष्य और जीवन की दूरदर्शिता से जुड़ी होती है। इसलिए चंद्र ग्रहण के समय धनु राशि के जातकों के लिए सबसे अधिक प्रभाव मन की स्पष्टता, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास पर देखा जाता है। इस समय सामान्य रूप से सकारात्मक और उत्साही रहने वाले लोग भी भ्रम, अधिक सोच, भविष्य को लेकर असमंजस या दिशा की कमी महसूस कर सकते हैं।
ज्योतिष के अनुसार जब चंद्रमा ग्रहण से प्रभावित होता है, तब मन की सहज मार्गदर्शन करने वाली शक्ति कमजोर हो जाती है। धनु राशि के लिए यह स्थिति करियर की दिशा को लेकर उलझन, बड़े निर्णयों में देरी, गुरु-शिष्य संबंधों में दूरी, आध्यात्मिक साधना में मन न लगना या लंबे समय की योजनाओं में रुकावट के रूप में दिखाई दे सकती है। शिक्षा, यात्रा या भविष्य से जुड़े कार्यों में भी अस्थिरता का अनुभव हो सकता है।
ऐसे समय में भगवान महादेव की उपासना को अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। महादेव केवल चंद्रमा के स्वामी ही नहीं, बल्कि परम ज्ञान और वैराग्य के प्रतीक हैं। सोमेश्वर रूप में वे चंद्रमा की चंचलता को संतुलित कर मन को स्थिर करते हैं और भ्रम को दूर कर सही दिशा प्रदान करते हैं। इसलिए चंद्र ग्रहण के समय की गई चंद्र शांति पूजा को मन की शांति और जीवन की दिशा को पुनः स्थापित करने का माध्यम माना जाता है।
इसी पवित्र भाव से धनु राशि के लिए विशेष चंद्र ग्रहण शांति पूजा का आयोजन प्रयागराज स्थित श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर में किया जा रहा है। यह मंदिर चंद्र दोष से जुड़े उपायों के लिए विशेष माना जाता है और यहाँ महादेव सोम रूप में विराजमान हैं। प्रयागराज प्राचीन काल से ही ज्योतिष और साधना की भूमि रहा है, इसलिए ग्रहण शांति के लिए यह स्थान अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस पूजा के माध्यम से धनु राशि के जातक महादेव से प्रार्थना करते हैं कि उनके मन में स्पष्टता आए, निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो और जीवन की दिशा पुनः संतुलित हो जाए। मान्यता है कि जब चंद्र ऊर्जा संतुलित होती है, तब भ्रम समाप्त होता है, ज्ञान जागृत होता है और व्यक्ति के निर्णय धर्म के मार्ग पर चलने लगते हैं।
श्री मंदिर के माध्यम से आप इस विशेष पूजा में सम्मिलित होकर महादेव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और इस चंद्र ग्रहण को आत्मचिंतन, सही दिशा और नए आत्मविश्वास का समय बना सकते हैं।