शुक्ल पूर्णिमा के दिन लगने वाला चंद्र ग्रहण वैदिक परंपरा में अत्यंत प्रभावशाली समय माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा मन, भावनाओं, स्वास्थ्य, रिश्तों और दैनिक निर्णयों को प्रभावित करता है। इसलिए ग्रहण का प्रभाव केवल एक राशि तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में दिखाई देता है। किसी के लिए यह मानसिक दबाव बढ़ा सकता है, तो किसी के लिए खर्च, स्वास्थ्य या रिश्तों में असंतुलन का कारण बन सकता है। इसी कारण चंद्र ग्रहण के समय चंद्र शांति साधना को विशेष महत्व दिया जाता है।
तुला राशि का स्वामी शुक्र है और यह राशि संतुलन, रिश्तों, सौंदर्य और सामंजस्य का प्रतीक मानी जाती है। चंद्रमा का प्रभाव जब तुला राशि पर पड़ता है, तब सबसे अधिक असर मन की स्थिति और निर्णय क्षमता पर देखा जाता है। ग्रहण काल में कई बार बिना कारण चिंता बढ़ना, भावनात्मक अस्थिरता, रिश्तों में गलतफहमी या स्वास्थ्य में थकान जैसी स्थितियाँ महसूस हो सकती हैं। साथ ही कार्यक्षेत्र में भी एकाग्रता कम होना या सही समय पर सही निर्णय न ले पाना जैसी परिस्थितियाँ बन सकती हैं। इसलिए तुला राशि के लोगों के लिए चंद्र ग्रहण के समय चंद्र शांति पूजा करना विशेष लाभकारी माना गया है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार जब भी ग्रहण लगता है, तब चंद्रमा की ऊर्जा कुछ समय के लिए प्रभावित होती है। यही कारण है कि इस समय मंत्र जाप, ध्यान और पूजा का प्रभाव कई गुना अधिक माना जाता है। यह वही समय होता है जब की गई साधना सीधे मन और सूक्ष्म ऊर्जा पर कार्य करती है। चंद्र शांति पूजा के माध्यम से चंद्रमा की सकारात्मक शक्ति को जागृत करने और उसके अशुभ प्रभावों को शांत करने की प्रार्थना की जाती है, जिससे जीवन में स्थिरता और शांति बनी रहे।
यह विशेष चंद्र ग्रहण शांति पूजा तुला राशि के जातकों के लिए मानसिक संतुलन, स्वास्थ्य की रक्षा और जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने की भावना से की जाती है। इस अनुष्ठान में वैदिक मंत्रों के साथ चंद्र देव की आराधना की जाती है, जिससे ग्रहण के कारण उत्पन्न अस्थिरता शांत हो और मन को शीतलता प्राप्त हो। तुला राशि स्वभाव से संतुलन चाहती है, इसलिए चंद्र की शांति से जीवन के विभिन्न क्षेत्रों — जैसे रिश्ते, कार्यक्षेत्र और स्वास्थ्य में सामंजस्य बनाए रखने की प्रार्थना की जाती है।
श्री मंदिर के माध्यम से इस चंद्र ग्रहण शांति पूजा में अपने नाम से संकल्प जोड़कर तुला राशि के जातक चंद्र देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यह पूजा ग्रहण के अशुभ प्रभावों से रक्षा, मानसिक शांति, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए एक दिव्य माध्यम मानी जाती है।