हिंदू धर्म में पूर्णिमा का अत्यंत महत्व है। मान्यता है कि इस पावन दिन पर चंद्र देव की पूजा करने से दोषों से छुटकारा मिलता है। चन्द्रमा का नकारात्मक होना, चिड़चिड़ापन, विचलित मन और खालीपन की भावना पैदा करता है। वहीं कुंडली में चंद्रमा के मजबूत होने से जीवन की अनिश्चितताओं के बीच भावनात्मक स्थिरता एवं मानसिक शांति पाने के लिए, चंद्र ग्रह दोष शांति पूजा और रुद्राभिषेक अत्यंत लाभकारी होती है। इस पूजा को करने से जन्म कुंडली में मौजूद चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है। दिनांक 23 मई 2024 को प्रयागराज के प्राचीन सोमेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित होगी। श्री मंदिर के माध्यम से इस पूजा में भाग लें और शिव जी का आशीष पाएं।