🔱 सनातन में गुप्त नवरात्रि तंत्र-साधना और गुप्त शक्तियों की उपासना के लिए अत्यंत प्रभावशाली पर्व माना गया है। इस दौरान मां बगलामुखी की साधना शत्रु बाधा, नजर दोष, न्यायिक विवाद और नकारात्मक प्रभावों को शांत करने में विशेष फलदायी हो सकती है। मां बगलामुखी को ‘स्तंभन शक्ति’ की देवी कहा गया है, जो विपरीत परिस्थितियों को स्थिर कर भक्तों को आत्मबल, विजय और मानसिक शांति की दिशा दिखाती हैं। नियमित जाप, हवन और हल्दी स्नान उनकी महापूजा का प्रमुख हिस्सा हैं। इसी महत्व के साथ हरिद्वार के मां बगलामुखी धाम में 11 किलो हल्दी स्नान और 1,00,008 लाल मिर्च हवन होने जा रहा है। गुप्त नवरात्रि के आरंभ में होने जा रही यह साधना दुश्मनों पर विजय और नजर दोष से दैवीय रक्षा के द्वार खोल सकती है।
🔱 मां बगलामुखी की उपासना में 11 किलो हल्दी स्नान और 1,00,008 लाल मिर्च हवन को अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली माना गया है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से शत्रु बाधा, न्यायिक विवाद, षड्यंत्र, वाणी दोष और अचानक उत्पन्न होने वाली नकारात्मक परिस्थितियों के नाश हेतु किया जाता है। हल्दी को मां बगलामुखी का प्रिय तत्व माना गया है, जो भक्तों के जीवन में शुद्धता, स्थिरता और तेज का संचार करता है। 11 किलो हल्दी से किया गया स्नान, साधना से पूर्व साधक की आभा को शुद्ध कर नज़र दोष ऊर्जा को निष्क्रिय कर सकता है।
🔱 इस अनुष्ठान में शामिल 1,00,008 लाल मिर्च से किया गया हवन मां की ‘स्तंभन शक्ति’ को जाग्रत करता है। यह हवन विरोधी शक्तियों को रोककर भक्तों को ‘सुरक्षा कवच’ प्रदान करता है। वैदिक मंत्रों और तंत्रोक्त विधि से सम्पन्न यह साधना भय, तनाव और असुरक्षा की भावना को शांत कर आत्मविश्वास और साहस की दिशा दिखा सकती है। गुप्त नवरात्रि जैसे दिव्य काल में किया गया यह अनुष्ठान, जीवन में विजय, संरक्षण और स्थायी संतुलन स्थापित करने में बेहद फलदायी माना गया है।
🔱 गुप्त नवरात्रि के दिव्य काल में यह महासाधना हरिद्वार स्थित मां बगलामुखी मंदिर में होने जा रही है, जो शक्ति उपासना का सिद्ध स्थल माना जाता है। गंगा तट के समीप स्थित यह मंदिर मां बगलामुखी की स्तंभन और संरक्षण शक्ति के लिए प्रसिद्ध है। श्री मंदिर द्वारा इस महानुष्ठान में भाग लेकर आप सपरिवार पुण्य के भागी बनें।