चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली तिथि मानी जाती है। यह दिन देवी शक्ति की उपासना के लिए विशेष रूप से समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन की गई साधना और पूजा व्यक्ति के जीवन में छिपी हुई बाधाओं को शांत करने, नकारात्मक प्रभावों को कम करने और आत्मबल को मजबूत करने में सहायक होती है। संपूर्ण नवरात्रि के दौरान देवी की ऊर्जा विशेष रूप से सक्रिय मानी जाती है, इसलिए अष्टमी के दिन किया गया शक्ति अनुष्ठान भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
नवरात्रि अष्टमी के इस पावन अवसर पर 36 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा मां बगलामुखी मंदिर, हरिद्वार में एक भव्य महाविद्या महानुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। इस अनुष्ठान में मां बगलामुखी और मां प्रत्यंगिरा की संयुक्त रक्षक शक्तियों का आह्वान किया जाएगा, जिससे भक्तों के जीवन में सुरक्षा, साहस और स्थिरता का संचार हो सके।
नवरात्रि अष्टमी पर मां बगलामुखी और मां प्रत्यंगिरा की अराधना का महत्व
मां बगलामुखी को स्तंभिनी शक्ति के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि वे बुरी नीयत, नकारात्मक विचारों, विरोध और अनुचित परिस्थितियों को रोकने की शक्ति प्रदान करती हैं। जब जीवन में विरोध, झूठे आरोप, कार्यस्थल की प्रतिस्पर्धा या मानसिक अशांति बढ़ने लगती है, तब मां बगलामुखी की उपासना विशेष रूप से की जाती है। नवरात्रि की अष्टमी के दिन उनकी आराधना को और भी प्रभावशाली माना जाता है, क्योंकि इस समय देवी शक्ति की कृपा प्राप्त करना आसान माना जाता है। वहीं मां प्रत्यंगिरा को शास्त्रों में एक शक्तिशाली रक्षक देवी के रूप में वर्णित किया गया है। वे अदृश्य नकारात्मक प्रभावों, भय और मानसिक अस्थिरता से रक्षा करने वाली शक्ति मानी जाती हैं। नवरात्रि अष्टमी के दिन दोनों शक्तियों का कवच पाठ करना अत्यंत शुभ और प्रभावशाली माना जाता है, क्योंकि इससे साधक के चारों ओर आध्यात्मिक सुरक्षा का एक मजबूत घेरा बनने की मान्यता है। यह साधना व्यक्ति को भय, असुरक्षा और लगातार आने वाली परेशानियों से बचाने में सहायक मानी जाती है।
1,25,000 बगलामुखी मूल मंत्र जाप और हवन की शक्ति
इस महाविद्या अनुष्ठान का मुख्य भाग 36 ब्राह्मणों द्वारा सामूहिक रूप से किया जाने वाला 1,25,000 बगलामुखी मूल मंत्र जाप है। यह एक अनुशासित और अत्यंत प्रभावशाली साधना मानी जाती है, जिसमें देवी शक्ति का आह्वान कर भक्तों के जीवन में सुरक्षा और साहस की कामना की जाती है। मंत्र जाप के बाद विशेष बगलामुखी हवन किया जाएगा, जिसके माध्यम से नकारात्मक ऊर्जा को शांत कर सकारात्मक शक्ति और आत्मविश्वास को जागृत करने का संकल्प लिया जाता है।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से ऑनलाइन इस पावन चैत्र नवरात्रि अष्टमी पर महाविद्या अनुष्ठान से जुड़ें और मां बगलामुखी व मां प्रत्यंगिरा की दिव्य कृपा प्राप्त करें, जो जीवन में सुरक्षा, स्थिरता और साहस प्रदान करने वाली मानी जाती है।