✨ गुप्त नवरात्रि शक्ति की रौद्र और रक्षक रूपों की पूजा का पवित्र काल है। इसे शांत भक्ति, अनुशासन और आंतरिक प्रार्थना से मनाया जाता है, खासकर छिपी मुश्किलों से रक्षा, ताकत और राहत के लिए। गुप्त नवरात्रि का पहला दिन बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह नवरात्रि साधना की शुरुआत करता है और आने वाले दिनों का आध्यात्मिक मार्ग तय करता है। इस दिन शुरू किए गए अनुष्ठान जीवन में दिव्य मार्गदर्शन और रक्षा लाने के इरादे से किए जाते हैं।
✨ मां बगलामुखी और मां प्रत्यंगिरा दोनों शक्ति के दयालु लेकिन रक्षक रूप हैं। मां बगलामुखी शत्रु प्रभावों को शांत करने और वाणी-विचारों में स्थिरता लाने के लिए जानी जाती हैं। भक्त झगड़ों, डर और नकारात्मक ऊर्जाओं से रक्षा के लिए उनकी कृपा मांगते हैं। मां प्रत्यंगिरा दुर्लभ और शक्तिशाली देवी हैं, जो अदृश्य बाधाओं से राहत और हानिकारक प्रभावों से रक्षा देती हैं। भक्त मानते हैं कि उनके 1,25,000 मूल मंत्र जाप से नकारात्मक शक्तियों का सामना करने का साहस मिलता है।
✨ 36 ब्राह्मणों की उपस्थिति इस पूजा को विशेष आध्यात्मिक महत्व देती है। पारंपरिक अनुष्ठानों में कई ब्राह्मणों का सामूहिक जाप मंत्रों की शुद्धता, लय और बिना रुकावट एकाग्रता बनाए रखता है। जब 36 ब्राह्मण एक साथ जाप करते हैं, तो मंत्र निरंतर बहते हैं, शांत और प्रार्थनामय वातावरण बनता है जो भक्त के संकल्प को सहारा देता है। सही जाप से मानसिक स्थिरता, साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है। विद्वान कहते हैं कि 1,25,000 जाप पूरे होने पर मां बगलामुखी की कृपा भक्त के साथ स्थायी रहती है, जीवन में विजय, रक्षा और दिव्य सहारा लाती है।
मां बगलामुखी हवन शक्तिशाली अनुष्ठान है जो शत्रुओं और नकारात्मक ऊर्जाओं की बाधाएं दूर करता है, मंत्रों के साथ अर्पण किए जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि यह पूजा भक्त को दिव्य कृपा, साहस, रक्षा और विजय की ओर मार्गदर्शन देती है।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष पूजा में भाग लें और देवियों की दिव्य शक्ति से जुड़ें, रक्षा, शुद्धि और आंतरिक ताकत पाएं।