सनातन परंपरा में कालाष्टमी की रात्रि को अत्यंत शक्तिशाली और आध्यात्मिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। विशेष रूप से यह तिथि देवी साधना, सुरक्षा से जुड़ी पूजा और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए बहुत शुभ मानी जाती है। कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि में साधना करने से मन, ऊर्जा और जीवन में गहराई से सकारात्मक परिवर्तन आने की मान्यता है।
शास्त्रों में बताया गया है कि इस दिन देवी के उग्र और शक्तिशाली स्वरूपों की पूजा करने से भय, छिपी हुई बाधाएं, विरोधियों का प्रभाव और नकारात्मकता कम होती है। इसलिए कालाष्टमी देवी उपासना के लिए एक विशेष अवसर मानी जाती है।
आदि शक्ति के अनेक स्वरूपों में से मां बगलामुखी और मां प्रत्यंगिरा को विशेष रूप से सुरक्षा, शक्ति और विजय देने वाली देवियां माना जाता है। मां बगलामुखी को स्तंभन शक्ति की देवी कहा जाता है, जो नकारात्मकता और विरोधी शक्तियों को रोकने की क्षमता रखती हैं। वहीं मां प्रत्यंगिरा को बुरी शक्तियों और अदृश्य नकारात्मक प्रभावों को शांत करने के लिए पूजा जाता है।
इन दोनों देवियों की संयुक्त उपासना से एक मजबूत आध्यात्मिक सुरक्षा कवच बनने की मान्यता है, जो व्यक्ति को जीवन की परेशानियों और नकारात्मक प्रभावों से बचाने में सहायक होता है।
इसी पवित्र कालाष्टमी के अवसर पर हरिद्वार स्थित सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर में 36 ब्राह्मणों द्वारा एक भव्य महाअनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। इस अनुष्ठान में बगलामुखी-प्रत्यंगिरा कवच पाठ, 1,25,000 बगलामुखी मूल मंत्र जाप और विधि अनुसार हवन किया जाएगा।
इस सामूहिक साधना में अनुभवी ब्राह्मण मंत्रों का उच्चारण करते हैं, जिससे पूजा की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। मान्यता है कि इतने बड़े स्तर पर मंत्र जाप करने से देवी की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है और जीवन की कठिन परिस्थितियों में राहत मिलती है।
यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है-
👉 जो नकारात्मक ऊर्जा या बुरी नजर से परेशान हैं
👉 जिन्हें बार-बार रुकावटों और विरोध का सामना करना पड़ रहा है
👉 जो जीवन में सुरक्षा, साहस और स्थिरता चाहते हैं
👉 जो मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की तलाश में हैं
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से इस पावन कालाष्टमी अनुष्ठान में शामिल होकर आप भी अपने नाम से संकल्प जोड़ सकते हैं और मां बगलामुखी व मां प्रत्यंगिरा की संयुक्त कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यह साधना जीवन में सुरक्षा, शक्ति और सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक प्रभावी माध्यम मानी जाती है।