कालाष्टमी को शास्त्रों में ऐसी प्रभावशाली रात माना गया है जब व्यक्ति अपने भय, अस्थिरता और छिपी हुई नकारात्मकता पर काबू पा सकता है। यह तिथि काल तत्व की तीव्र ऊर्जा से जुड़ी मानी जाती है। परंपरा के अनुसार, इस दिन विशेष शक्ति उपासना की जाती है, जिसका उद्देश्य हानिकारक प्रभावों को रोकना, विरोध को शांत करना और जीवन में अंदरूनी व बाहरी नियंत्रण को दोबारा स्थापित करना होता है। किसी भी चक्र की अंतिम कालाष्टमी को खास माना जाता है, क्योंकि इस समय अधूरी और उलझी हुई ऊर्जा का सामना करके उसे समाप्त करने का अवसर मिलता है।
इसी प्रभावशाली रात पर 36 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा पवित्र मां बगलामुखी सिद्धपीठ में एक भव्य महाविद्या अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। इसमें मां बगलामुखी और मां प्रत्यंगिरा की संयुक्त रक्षक शक्तियों का आह्वान किया जाएगा।
मां बगलामुखी को स्तंभिनी शक्ति के रूप में पूजा जाता है। माना जाता है कि वह बुरी नीयत, बुरे बचन और विरोधी कार्यों को रोकने की शक्ति रखती हैं। जब जीवन में कानूनी दबाव, कार्यस्थल पर प्रतिस्पर्धा, झूठे आरोप या बार-बार विरोध की स्थिति बनती है और मन की शांति कम होने लगती है, तब उनकी उपासना विशेष रूप से की जाती है। कालाष्टमी के दिन उनकी शक्ति और अधिक प्रभावशाली मानी जाती है, जो नकारात्मक परिस्थितियों की गति को रोककर आत्मविश्वास और मानसिक स्थिरता वापस लाने में सहायक होती है।
मां प्रत्यंगिरा को शास्त्रों में उग्र रक्षक के रूप में वर्णित किया गया है। वे डर, अनजाने भय और अदृश्य नकारात्मक प्रभावों से रक्षा करने वाली शक्ति मानी जाती हैं। कालाष्टमी पर उनका कवच पाठ परंपरागत रूप से इसलिए किया जाता है ताकि साधक के चारों ओर आध्यात्मिक सुरक्षा का घेरा बन सके और वह मानसिक अशांति व बार-बार होने वाली परेशानियों से सुरक्षित रह सके।
1,25,000 बगलामुखी मूल मंत्र जाप और हवन की शक्ति
इस अनुष्ठान का मुख्य भाग 36 ब्राह्मणों द्वारा सामूहिक रूप से किया जाने वाला 1,25,000 बगलामुखी मूल मंत्र जाप है। यह एक अनुशासित और गहन साधना मानी जाती है। इसके बाद विशेष बगलामुखी हवन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जमा हुई नकारात्मकता को शक्ति, साहस और निर्णायक क्षमता में बदलना है। वर्ष की अंतिम कालाष्टमी पर किया जाने वाला यह महाविद्या अनुष्ठान उन लोगों के लिए है जो अपने जीवन में दिखाई देने वाली या अदृश्य रुकावटों से घिरा हुए महसूस करते हैं और स्पष्टता, नियंत्रण तथा आत्मविश्वास वापस पाना चाहते हैं।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से इस दुर्लभ कालाष्टमी महाविद्या अनुष्ठान से जुड़ें और ऐसी दिव्य शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त करें, जो समय पर रक्षा, स्थिरता और सशक्तता प्रदान करती है।