🔱 सनातन धर्म में मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं होते, बल्कि ऐसे पवित्र केंद्र होते हैं जहां दिव्य शक्ति सक्रिय रूप से कार्य करती है। श्री पीतांबरापीठ ऐसा ही एक सिद्ध स्थान है, जो देवी माँ बगलामुखी को समर्पित है। देवी माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं मानी जाती हैं। यहां उनकी स्तंभन शक्ति, अर्थात अन्याय और हानि पहुंचाने वाली शक्तियों को रोकने की दिव्य ऊर्जा अत्यंत जागृत मानी जाती है। मंदिर की परंपरा के अनुसार, यह भारत में देवी माँ बगलामुखी के सबसे प्रभावशाली शक्तिपीठों में से एक है।
🔱 कई दशकों से राजा, योद्धा, राजनेता और न्याय की खोज करने वाले लोग यहां तब-तब आते रहे हैं जब-जब उनके जीवन में कानूनी लड़ाईयां और राजनैतिक संघर्ष कठिन मोड़ पर पहुंचे हैं। यह मान्यता भी प्रचलित है कि बड़े युद्धों के समय यहां विशेष बगलामुखी हवन किए जाते थे, ताकि शत्रु की योजनाएं निष्क्रिय हो जाएं और धर्म की रक्षा हो सके। आज भी जब जीवन में निर्णायक दिव्य सहायता की आवश्यकता होती है, तब यही जीवित आस्था लोगों को दतिया की इस पवित्र भूमि की ओर ले जाती है।
🔱 जब कोर्ट के मामले लंबे समय तक चलते रहें, विरोधी आक्रामक हो जाएं या झूठे आरोप मानसिक शांति को प्रभावित करने लगें, तब व्यक्ति स्वयं को दबाव में और असहाय महसूस करता है। हिंदू मान्यता के अनुसार, ऐसे समय में नकारात्मक शक्तियां प्रभाव बढ़ा लेती हैं, जिससे सही निर्णय लेने में भ्रम होता है और उचित परिणाम में देरी होती है। ऐसे समय भक्त देवी माँ बगलामुखी की शरण लेते हैं। माँ बगलामुखी को “शत्रु बुद्धि विनाशिनी” कहा जाता है — अर्थात वह शक्ति जो हानिकारक इरादों को रोकती हैं और अपने भक्त को अदृश्य चालों से सुरक्षा देती हैं।
🔱 श्री पीतांबरापीठ में बगलामुखी हवन विधि-विधान और दृढ़ संकल्प के साथ किया जाता है। यह अनुष्ठान विनाश के लिए नहीं, बल्कि नकारात्मकता को शांत करने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य विरोधी प्रभाव को कमजोर करना, भय और दबाव से घिरी परिस्थिति में स्पष्टता लाना और साधक को मानसिक शक्ति देना है। मान्यता है कि इस जागृत पीठ से की गई प्रार्थना देवी माँ बगलामुखी तक अधिक प्रभाव के साथ पहुंचती है, विशेषकर जब साधक न्याय, सुरक्षा और दृढ़ता की कामना करता है।
🔱 श्री मंदिर के माध्यम से किया जाने वाला यह विशेष पूजा अनुष्ठान इस विश्वास के साथ किया जाता है कि जब देवी माँ बगलामुखी के इस अत्यंत जागृत स्थान से आराधना की जाती है, तो उनके आशीर्वाद से कठिन कानूनी मामलों और विरोध के समय शांति, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति प्राप्त हो सकती है।