चैत्र नवरात्रि का अष्टमी और नवमी का दिन देवी साधना के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण दिनों में से एक माना जाता है। इन दिनों में माँ दुर्गा की विशेष भक्ति और श्रद्धा के साथ पूजा की जाती है। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान देवी शक्ति विशेष रूप से जागृत रहती हैं और भक्तों की प्रार्थनाओं को शीघ्र स्वीकार करती हैं। इसी कारण अष्टमी के दिन माँ दुर्गा और माँ चंडी की उपासना विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।
अष्टमी के दिन देवी के नौ रूपों की आराधना की जाती है, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं में संतुलन, शक्ति और प्रगति का प्रतीक हैं। यह दिन केवल पूजा का अवसर नहीं बल्कि आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन की बाधाओं से राहत पाने की प्रार्थना करने का भी समय माना जाता है। इस दिन किया गया दुर्गा–चंडी हवन विशेष रूप से देवी की कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है।
🪔 अष्टमी दुर्गा–चंडी हवन
सनातन परंपरा में नवरात्रि की अष्टमी पर माँ दुर्गा और माँ चंडी के लिए हवन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस हवन में देवी के 108 नामों का वैदिक मंत्रों के साथ उच्चारण किया जाता है। हवन में घी और अन्य पवित्र सामग्रियों की आहुति देकर देवी माँ से शक्ति, संरक्षण और विजय का आशीर्वाद माँगा जाता है।
मान्यता है कि इस हवन से जीवन में उपस्थित नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होने लगता है और साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह पूजा केवल बाधाओं को शांत करने के लिए ही नहीं बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए भी की जाती है।
🪔 नवमी के दिन 108 कन्या पूजन
नवरात्रि की नवमी को कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है। इसी परंपरा के अनुसार इस अनुष्ठान में 108 कन्याओं का पूजन और भोजन कराया जाएगा। उन्हें देवी का स्वरूप मानकर वस्त्र, भोजन और सम्मान दिया जाएगा।
यह पवित्र अनुष्ठान कटरा की पवित्र त्रिकुटा पर्वत श्रृंखला के निकट स्थित श्री नवदुर्गा मंदिर में किया जाएगा। यह मंदिर माँ दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित है, जहाँ भक्त एक ही स्थान पर माँ शैलपुत्री से लेकर माँ सिद्धिदात्री तक सभी रूपों के दर्शन कर सकते हैं। मान्यता है कि कन्या पूजन करने से देवी माँ अत्यंत प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख, समृद्धि और शुभता का आशीर्वाद देती हैं। नवरात्रि के अंतिम दिनों में किया गया यह अनुष्ठान जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और उन्नति का मार्ग खोलने वाला माना जाता है।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से आयोजित इस अष्टमी दुर्गा–चंडी हवन और नवमी के 108 कन्या पूजन एवं भोजन में शामिल होकर आप भी देवी माँ की कृपा से मनोकामनाओं की पूर्ति और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।