अक्षय तृतीया को एक स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। यह एक ऐसा पवित्र दिन है, जब किया गया हर पूजा, मंत्र जाप और शुभ कार्य “अक्षय” फल देता है, यानी उसका प्रभाव कभी खत्म नहीं होता बल्कि समय के साथ बढ़ता ही जाता है। इसलिए इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
इसी पावन अवसर पर कोल्हापुर स्थित श्री महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर में विशेष अक्षय तृतीया स्थिर लग्न पूजा आयोजित की जा रही है। स्थिर लग्न में की गई लक्ष्मी पूजा को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है, क्योंकि “स्थिर” का अर्थ होता है स्थायी। मान्यता है कि इस समय की गई पूजा से प्राप्त धन और समृद्धि लंबे समय तक जीवन में बनी रहती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
इस विशेष पूजा का मुख्य आकर्षण है 108 कमलगट्टा और 108 कमल पुष्प अर्पण। कमल फूल माँ लक्ष्मी का आसन माना जाता है और यह उन्हें अत्यंत प्रिय है। कमलगट्टा को भी धन, समृद्धि और लक्ष्मी कृपा से जुड़ा हुआ माना जाता है। जब इन दोनों का अर्पण शुभ मुहूर्त में किया जाता है, तो यह माँ लक्ष्मी की कृपा को आकर्षित करने का एक शक्तिशाली माध्यम बनता है।
इस पवित्र अनुष्ठान के माध्यम से भक्त माँ लक्ष्मी से प्रार्थना करते हैं कि उनके जीवन में धन का प्रवाह बढ़े, आर्थिक बाधाएं दूर हों और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहे। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है जो अपने जीवन में आर्थिक स्थिरता, व्यापार में वृद्धि और निरंतर सफलता की कामना करते हैं।
अक्षय तृतीया जैसे शुभ दिन पर कोल्हापुर शक्तिपीठ में किया गया यह अनुष्ठान भक्तों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जाता है।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष महापूजा में भाग लें और माँ महालक्ष्मी की कृपा से अपने जीवन में समृद्धि, स्थिरता और निरंतर उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त करें।