🌺 सनातन धर्म में गुप्त नवरात्रि को देवी माँ की गुप्त और आंतरिक शक्तियों को समर्पित 9 पवित्र दिनों का समय माना जाता है। चैत्र या शारदीय नवरात्रि की तरह इसमें बाहरी उत्सव नहीं होते। शास्त्रों के अनुसार, ये दिन शांत साधना, मन की एकाग्रता और गहरी भक्ति के लिए होते हैं। इस दौरान भक्त केवल सांसारिक सुख ही नहीं, बल्कि अंदरूनी शक्ति, सुरक्षा और सही मार्गदर्शन के लिए देवी माँ से प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में देवी माँ की शक्ति शांत रूप से लेकिन बहुत प्रभावशाली तरीके से काम करती है, जिससे छिपे डर, मन की कमजोरी और जीवन की रुकावटें दूर होती हैं।
🌺 इन 9 दिनों में माँ चंडी, जो देवी माँ का तेज और रक्षक स्वरूप हैं, उनकी पूजा का विशेष महत्व होता है। मार्कंडेय पुराण में वर्णित चंडी सप्तशती में बताया गया है कि माँ दुर्गा ने सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों का नाश कर धर्म और संतुलन की स्थापना की। चंडी हवन के साथ सप्तशती पाठ करने से देवी माँ की रक्षा शक्ति जागृत होती है, जिससे भक्तों को साहस, स्पष्ट सोच और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।
🌺 9 दिवसीय अखंड चंडी हवन और सप्तशती पाठ में बिना रुके पूजा और आहुति दी जाती है। हर दिन के साथ भक्त का संकल्प और मजबूत होता जाता है और मन धीरे-धीरे डर से विश्वास की ओर, और उलझन से शांति की ओर बढ़ता है। गुप्त नवरात्रि में इस प्रकार की लगातार पूजा उन भक्तों द्वारा की जाती है जो देवी माँ की असीम कृपा चाहते हैं- जैसे मजबूत मन, नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा और जीवन में सही दिशा।
🌺 जम्मू स्थित नव दुर्गा मंदिर में इस महापूजा का आयोजन इसे और भी विशेष बना देता है। यह मंदिर वह पवित्र स्थान माना जाता है जहाँ देवी माँ के सभी नौ स्वरूपों की एक साथ पूजा की जाती है। भक्तों का विश्वास है कि यहाँ की गई प्रार्थनाएँ सीधे माँ दुर्गा तक पहुँचती हैं। गुप्त नवरात्रि में इस पावन स्थान पर पूजा करने से समय, स्थान और विधि तीनों की शक्ति एक साथ मिलती है।
🌺 श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष गुप्त नवरात्रि महापूजा से जुड़कर आप जीवन की अनदेखी लड़ाइयों में देवी माँ की शांत लेकिन मजबूत कृपा, सुरक्षा और सहारा प्राप्त कर सकते हैं।