✨ अपने बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित इस संयुक्त अनुष्ठान में शामिल होकर दिव्य कृपा के सहभागी बनें। 🌸🙏
कई बार माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चों का भविष्य और उनका सुरक्षित जीवन होता है। हर माता-पिता यही चाहते हैं कि उनके बच्चे किसी भी तरह की कठिनाई, संकट या नकारात्मक असर से बचे रहें। शास्त्रों में भी संतान की सुरक्षा और भलाई के लिए अलग-अलग व्रत और पूजन का महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक अवसर है श्राद्ध पक्ष शुरू होने से पहले आने वाली आखिरी एकादशी, मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से बच्चों की रक्षा और अच्छे जीवन का आशीर्वाद मिलता है।
इस दिन खासतौर पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त उपासना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इनकी कृपा से परिवार में शांति और सुख बना रहता है और संतान पर अशुभ प्रभाव कम होता है। इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए श्री मंदिर के माध्यम से, श्राद्ध पक्ष शुरू होने से पहले आने वाली इस आखिरी एकादशी पर, एट्टेलुथुपेरुमल मंदिर में 1008 तुलसी सहस्रनाम अर्चना और 11 कमल अर्चना का आयोजन किया जा रहा है। तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय मानी जाती है और उनके सहस्रनाम से की गई अर्चना को विशेष फलदायी बताया गया है। उसी तरह, कमल माता लक्ष्मी का प्रिय पुष्प है और 11 कमलों से की गई अर्चना को उनके आशीर्वाद को पाने का एक महत्वपूर्ण साधन माना गया है।
इस संयुक्त पूजा के माध्यम से माता-पिता अपने बच्चों की रक्षा और भलाई के लिए संकल्प ले सकते हैं। कहा जाता है कि तुलसी और कमल की अर्चना से न केवल बच्चों के जीवन में सकारात्मक असर आता है, बल्कि घर-परिवार में भी शांति और शुभ वातावरण बना रहता है। यह अनुष्ठान श्राद्ध पक्ष से पहले की आखिरी एकादशी पर किया जा रहा है ताकि आने वाले पितृ पक्ष में पितरों की कृपा के साथ संतान पर भी दिव्य संरक्षण बना रहे।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से इस पावन अनुष्ठान में सम्मिलित होकर श्रद्धालु अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और कल्याण के लिए प्रार्थना कर सकते हैं।