🌸 एकादशी पर विष्णु जी के 1000 नाम जप, 1008 तुलसी अर्चना से पाएं लक्ष्य प्राप्ति का आशीर्वाद
हिंदू धर्म में एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। सहस्रनाम का अर्थ है भगवान विष्णु के 1000 पवित्र नामों का जप। शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन इन नामों का श्रद्धापूर्वक उच्चारण करने से जीवन के पाप नष्ट हो सकते हैं, मन को शांति मिलती है और ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त होती है। श्री मंदिर द्वारा होने जा रहा यह अनुष्ठान भक्तों को करियर और पढ़ाई के साथ बड़े लक्ष्यों में सफलता की दिशा दिखा सकता है।
इस अनुष्ठान में शामिल 1008 तुलसी अर्चना का भी विशेष महत्व है। तुलसी देवी भगवान विष्णु की प्रिय मानी जाती हैं और इस दिन 1008 तुलसी दल अर्पित करने से विष्णुजी की कृपा शीघ्र प्राप्त हो सकती है। शास्त्रों में वर्णित है कि तुलसी अर्चना से जीवन के पाप शांत होते हैं, मन की शुद्धि होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु से जुड़ी यह साधना भक्तों के जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग दिखाती है।
यह आराधना काशी के प्रसिद्ध श्री बृहस्पति मंदिर में होने जा रही है, जिसका शास्त्रों में बड़ा महत्व है। यह बृहस्पति मंदिर भगवान विष्णु और बृहस्पति देव के अद्भुत संबंध का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि जब देवराज इंद्र ने ब्रह्महत्या का पाप किया था, तब भगवान विष्णु के निर्देश पर उन्होंने काशी में बृहस्पति देव की तपस्या की, जिससे उन्हें मोक्ष और पापों से मुक्ति मिली। इस कारण काशी का बृहस्पति मंदिर जीवन में ज्ञान, लक्ष्य प्राप्ति और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए बेहद पूजनीय है। भक्त यहां भगवान विष्णु और बृहस्पति, दोनों का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। एकादशी पर यहां कराई गई पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।
काशी के बृहस्पति मंदिर में एकादशी पर होने जा रहे इस अनुष्ठान में दीप दान पूजा भी है। मान्यता है कि इस दिन यहां दीपक अर्पित करने से भगवान विष्णु और बृहस्पति देव दोनों की कृपा प्राप्त होती है। शास्त्रों के अनुसार, दीप दान से जीवन के अंधकार दूर होते हैं, करियर से जुड़ी बाधाओं का निवारण संभव है।
श्री मंदिर द्वारा आयोजित होने जा रही श्री विष्णु सहस्रनाम, 1008 तुलसी अर्चना में घर बैठे भाग लें और करियर, पढ़ाई और उन्नति के लक्ष्यों को पाने का आशीष पाएं।