इस बार मार्गशीर्ष अमावस्या रविवार के दिन पड़ रही है और रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है। इस संयोग को ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना गया है। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन यदि यह मार्गशीर्ष मास में हो, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं भगवद गीता में कहा है कि "मैं मार्गशीर्ष हूं।" इस कारण यह मास अत्यंत पवित्र और भगवान विष्णु की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। रविवार के दिन पड़ने वाली सूर्य अमावस्या नवग्रह शांति पूजा के लिए सबसे शुभ तिथियों में से एक है, क्योंकि, भगवान विष्णु सभी नवग्रहों के देवता हैं, और सूर्य देव नवग्रहों के स्वामी। इनकी कृपा से व्यक्ति के जीवन में ग्रहों की अनुकूलता बनी रहती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि कुंडली में सूर्य मजबूत हो, तो वह सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करता है, अज्ञात शत्रुओं को उजागर कर उन्हें शक्तिहीन करता है, और आत्मविश्वास एवं सफलता प्रदान करता है। इसके विपरीत, यदि सूर्य कमजोर हो, तो व्यक्ति को अज्ञात शत्रुओं, नकारात्मकता, और बुरी शक्तियों का सामना करना पड़ सकता है।
इसीलिए इस सूर्य अमावस्या पर श्री मंदिर द्वारा उज्जैन के श्री नवग्रह शनि मंदिर में नवग्रह शांति पूजा एवं सर्व कार्य सिद्धि महा हवन का आयोजन किया जा रहा है। माना जाता है कि जिस प्रकार भगवान विष्णु सृष्टि में संतुलन बनाएं रखते है, उसी प्रकार नवग्रह शांति पूजा करने से नवग्रहों के दोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन में संतुलन बना रहता है। यह पूजा ग्रहों के अशुभ प्रभाव को समाप्त कर शुभता और सकारात्मकता का संचार करती है। वहीं सर्व कार्य सिद्धि महा हवन एक दिव्य अग्नि अनुष्ठान है, जो मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है। इस हवन में विशेष मंत्रोच्चार के साथ अग्नि में आहुतियां दी जाती हैं। माना जाता है सूर्य अमावस्या पर इस अनुष्ठान को करने से भक्तों को अज्ञात शत्रुओं, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों से सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आप भी श्री मंदिर के माध्यम से इस दिव्य अनुष्ठान में भाग लें और अज्ञात शत्रुओं, नकारात्मकता और बुरी शक्तियों से सुरक्षा का आशीष प्राप्त करें।