💫 सनातन धर्म में माँ महालक्ष्मी को ‘श्री’, यानी धन, सुख-समृद्धि और घर की खुशहाली का स्वरूप माना जाता है। देवी मां की कृपा से परिवार में आनंद और संतुलन बना रहता है। जब कर्मों का असंतुलन, ग्रहों के अशुभ प्रभाव या बार-बार आने वाली आर्थिक परेशानी इस दिव्य ऊर्जा को प्रभावित करती है, तो अचानक खर्च बढ़ने लगते हैं, आय में स्थिरता नहीं रहती, बचत कम होने लगती है और कड़ी मेहनत के बाद भी लगता है कि भाग्य साथ नहीं दे रहा। जैसे दीपक की बाती सूख जाए तो उसका प्रकाश कम हो जाता है, वैसे ही जब माँ महालक्ष्मी की कृपा का प्रवाह रुकता है तो समृद्धि भी कम होने लगती है। धीरे-धीरे इसका असर जीवन के चार मुख्य क्षेत्रों पर पड़ने लगता है - धन, रिश्ते, मन की शांति और परिवार की स्थिरता।
इसीलिए श्री मंदिर द्वारा चार शुक्रवार को महालक्ष्मी की महापूजा का आयोजन किया जा रहा है। हर शुक्रवार समृद्धि के एक विशेष पहलू के लिए समर्पित होगा। साप्ताहिक पूजा और मंत्र जाप के माध्यम से भक्त अपने जीवन की रुकावटों को दूर करने, आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और लक्ष्मी के निरंतर प्रवाह को आमंत्रित करने का संकल्प लेते हैं ताकि घर और जीवन, दोनों में उन्नति बनी रहे।
🌸🌸 यह चार सप्ताह तक चलने वाला महालक्ष्मी महानुष्ठान 6, 13, 20 और 27 मार्च को किया जाएगा। हर शुक्रवार धन और समृद्धि के एक अलग पक्ष पर ध्यान दिया जाएगा:
• पहला शुक्रवार (6 मार्च): आर्थिक रुकावटें दूर करने और कर्ज से राहत के लिए
• दूसरा शुक्रवार (13 मार्च): व्यापार और नौकरी में उन्नति के अवसर के लिए
• तीसरा शुक्रवार (20 मार्च): घर की धन-संपत्ति और पारिवारिक आर्थिक स्थिरता के लिए
• चौथा शुक्रवार (27 मार्च): लंबे समय तक समृद्धि और माँ महालक्ष्मी की कृपा के लिए
💰 पुराणों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय माँ लक्ष्मी कमल के फूल पर विराजमान होकर प्रकट हुई थीं और उन्होंने पूरे संसार को धन और समृद्धि का आशीर्वाद दिया। उन्होंने भगवान श्री विष्णु को अपना पति चुना। संक्षेप में जहाँ शांति, धर्म और भक्ति होती है, वहीं धन स्थायी रूप से रहता है।
इस विशेष चार शुक्रवार पूजा का आयोजन महालक्ष्मी अंबाबाई शक्तिपीठ, कोल्हापुर में किया जाएगा। यहाँ विद्वान आचार्य 11,000 महालक्ष्मी मंत्रों का जाप और उसके बाद विधि-विधान से हवन करेंगे। हवन में लाल कमल के फूल, घी और शहद की आहुति दी जाएगी और वैदिक मंत्रों की ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठेगा। जब हवन की अग्नि प्रज्वलित होगी, तब मान्यता है कि माँ लक्ष्मी की निरंतर कृपा, आर्थिक स्थिरता और भरपूर धन-समृद्धि का आशीर्वाद भक्तों के जीवन में प्रवाहित होगा, जिससे आने वाला वर्ष सुख और वैभव से भरा रहेगा।
✨श्री मंदिर के माध्यम से यह विशेष महापूजा धन, सफलता और स्थायी समृद्धि के लिए माँ महालक्ष्मी का दिव्य आशीर्वाद पाने का पावन अवसर है।🙏