सनातन परंपरा में दतिया स्थित श्री पीताम्बरा पीठ को माँ बगलामुखी की साधना के लिए अत्यंत जाग्रत और सिद्ध स्थान माना जाता है। मान्यता है कि यहां की गई पूजा साधक के संकल्प को शीघ्र ही माँ तक पहुंचाती है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रभावशाली माना जाता है जो लंबे समय से कोर्ट केस में उलझे हैं, शत्रु बाधाओं से परेशान हैं या जीवन में बार-बार अचानक विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। यही कारण है कि आज भी कई प्रतिष्ठित और प्रभावशाली लोग यहां विशेष अनुष्ठान कराते हैं, ताकि उन्हें न्याय में विजय और जीवन में सुरक्षा का आशीर्वाद मिल सके।
इस दिव्य अनुष्ठान में 7 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा 3,60,000 बगलामुखी मंत्र जाप हल्दी की गांठों की माला से किया जाएगा। हल्दी को माँ पीताम्बरा अत्यंत प्रिय माना जाता है, इसलिए हल्दी माला से किया गया जाप अधिक प्रभावशाली और शीघ्र फल देने वाला माना जाता है। माँ बगलामुखी का यह दिव्य मंत्र- “ॐ ह्लीं ह्लूं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय, जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा” साधक के पक्ष को मजबूत करने, शत्रुओं की नकारात्मकता को रोकने और निर्णय को अपने पक्ष में करने की प्रार्थना का प्रतीक माना जाता है।
इस अनुष्ठान का एक और महत्वपूर्ण भाग है 21 किलो लाल मिर्च हवन। इस परंपरा में लाल मिर्च हवन को शत्रु बाधाओं को शांत करने और नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव को रोकने का विशेष माध्यम माना जाता है। जब यह हवन माँ बगलामुखी की पूजा के साथ किया जाता है, तो यह एक ऐसा अनुष्ठान बन जाता है जो साधक को एक अदृश्य सुरक्षा कवच प्रदान करने वाला माना जाता है।
यह दिव्य पूजा दतिया क्षेत्र में संपन्न की जा रही है। मंदिर परिसर के भीतर रिकॉर्डिंग की अनुमति न होने के कारण यह अनुष्ठान मंदिर के बाहर विधि-विधान से किया जाएगा, ताकि भक्त भी इस पूजा से जुड़ सकें और इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
माँ बगलामुखी की साधना में बाबा भैरव का भी विशेष स्थान माना जाता है। बाबा भैरव को माँ का रक्षक और अनुष्ठान को पूर्ण करने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। उनकी कृपा से साधक को भय से राहत, अचानक आने वाली परेशानियों से सुरक्षा और जीवन में स्थिरता प्राप्त होने की मान्यता है।
दतिया धाम की पवित्र ऊर्जा, ब्राह्मणों द्वारा सामूहिक मंत्र जाप और विधि-विधान से किए गए हवन का प्रभाव इस साधना को कई गुना अधिक शक्तिशाली बना देता है।
श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष पूजा में अपना संकल्प जोड़कर आप न्याय में विजय, शत्रु बाधाओं से राहत, भय से सुरक्षा और जीवन में स्थिरता की प्रार्थना कर सकते हैं। यह केवल एक पूजा नहीं, बल्कि एक ऐसा दिव्य प्रयास है जो कठिन परिस्थितियों को अपने पक्ष में करने की दिशा में एक सशक्त कदम माना जाता है।