भारत की शक्ति साधना परंपरा में कुछ ऐसे पवित्र स्थान माने जाते हैं जहाँ देवी की शक्ति विशेष रूप से जागृत मानी जाती है। हरिद्वार में स्थित सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर ऐसा ही एक प्रसिद्ध और शक्तिशाली क्षेत्र माना जाता है। यहाँ माँ बगलामुखी की आराधना का विशेष महत्व बताया जाता है, जिन्हें शत्रुओं की नकारात्मक शक्ति को रोकने और अन्याय के सामने सत्य की रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। जब जीवन में विरोध, झूठे आरोप, कोर्ट-कचहरी के मामले या अचानक अन्य समस्याएँ सामने आने लगती हैं, तब भक्त माँ बगलामुखी का स्मरण कर उनकी कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
इसी पावन भावना के साथ हरिद्वार के सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर में माँ बगलामुखी का आह्वान कर एक विशेष अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। इस अनुष्ठान में 9 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा 36,000 मंत्रों का जाप हल्दी-गांठ की माला से विधि-विधान के साथ किया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि हल्दी-गांठ की माला से किया गया मंत्र जाप अधिक प्रभावशाली माना जाता है और यह साधना शत्रुओं के दुष्प्रभाव को शांत करने में सहायक मानी जाती है।
इस अनुष्ठान में माँ बगलामुखी के प्रसिद्ध मंत्र का जाप किया जाएगा, जो अन्यायपूर्ण विरोध, झूठे आरोप और नकारात्मक शक्तियों को शांत करने का प्रतीक माना जाता है। यह मंत्र साधना विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी मानी जाती है जो जीवन में कानूनी विवादों, विरोध या अस्थिर परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
इस अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण भाग 21 किलो लाल मिर्च हवन है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह हवन नकारात्मक प्रभावों को कम करने और शत्रुओं की हानिकारक ऊर्जा को शांत करने के उद्देश्य से किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस प्रकार का हवन जीवन में आने वाली अचानक बाधाओं को नियंत्रित करने और सुरक्षा का भाव बढ़ाने में सहायक होता है।
यदि आप कोर्ट-कचहरी के मामलों में अटकी हुई स्थिति, विरोध या अचानक आने वाली परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष अनुष्ठान में जुड़कर आप माँ बगलामुखी की कृपा प्राप्त करने का प्रयास कर सकते हैं। मान्यता है कि माँ की कृपा से भक्तों को साहस, धैर्य और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है, जिससे जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का अनुभव होता है।