✨ क्या आपको अजीब-अजीब सपने, चारों तरफ डर का माहौल और अनदेखी नकारात्मक शक्तियों का एहसास होता है?
अक्सर ऐसा देखने में आया है कि इंसान कड़ी मेहनत के बावजूद सफलता से खुद को कोसों दूर खड़ा हुआ पाता है। सालों के प्रयास पल भर में बिखरने लगते हैं, बने-बनाए काम आखिरी क्षणों में बिगड़ने शुरू हो जाते हैं। जीवन में इतनी परेशानियां खड़ी हो जाती हैं कि आगे का रास्ता ही स्पष्ट दिखाई नहीं देता, हर मोड़ पर ऐसा लगता है कि मानो हंसती-खेलती ज़िंदगी को किसी की नज़र लग गई हो। यह गुप्त नकारात्मक ताकतें हो सकती हैं, जिनका समाधान भैरव देव की कृपा और तंत्र साधना के बिना संभव हो सकता है।
✨ सावन में काल भैरव की तंत्र साधना और रक्षा पाठ से थर्र थर्र कांपती हैं नकारात्मक शक्तियां
सावन भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है, जिसमें उनकी आराधना, उपवास और अनुष्ठान कई गुना फलदायी हैं। इस शुक्रवार शिव जी की नगरी काशी में श्री काल भैरव का विशेष यज्ञ और तंत्र रक्षा पाठ आयोजित होने जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, काल भैरव भगवान शिव के ही रूप हैं, जो अपने भक्तों की नकारात्मकता, नजर दोष और बुरे प्रभाव वाली शक्तियों से रक्षा करते हैं। यह पूजा शुक्रवार को आयोजित होगी, जो काल रात्रि के साथ मेल खाता है। यह एक ऐसी रात है जो तांत्रिक ऊर्जाओं, डर और बुरी शक्तियों के सर्वनाश का कारण बन सकती है।
जानें काशी के श्री बटुक भैरव मंदिर में होने जा रहे सावन काल रात्रि यज्ञ की ख़ास बातें:
तंत्र युक्त भैरव यज्ञ में काले तिल, सरसों और गुग्गुल का उपयोग किया जाएगा, जो नकारात्मकता-नाशक होने के साथ-साथ अग्नि संस्कार में प्रयोग होने वाली मुख्य सामग्री है।
भैरवाष्टकम जाप एक शक्तिशाली पाठ है, जो अज्ञात दोषों को बेअसर करता है और भगवान काल भैरव की सीधी सुरक्षा का आह्वान करता है।
भगवान शिव के रूप काल भैरव की विधि-विधान के साथ की गई आराधना भक्तों को अदृश्य ताकतों से तो बचाती ही है, साथ ही जीवन में छाईं आर्थिक-मानसिक समस्याओं का समाधान भी निकलना शुरू हो जाता है। सावन के पहले शुक्रवार को इस तंत्र रक्षा पाठ और यज्ञ से भगवान भैरव की शक्ति प्रबल होती है और महादेव के काशी धाम में इस अनुष्ठान से आराधक अपने चारों तरफ सुरक्षा चक्र जैसा आशीष अनुभव करते हैं।
श्री मंदिर के माध्यम से आप भी इस पूजा में भाग लें और हानिकारक ऊर्जाओं को बेअसर करने का असीम आशीर्वाद पाएं।