📚 क्या आपके बच्चे पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं या जीवन की दिशा खो बैठे हैं?
🕉️सही मार्गदर्शन और बेहतर स्वास्थ्य के आशीर्वाद के लिए- सावन एकादशी पर इस विशेष अनुष्ठान से जुड़कर कमलेश्वर महादेव से कीजिए प्रार्थना 🔱
हर माता-पिता की यह कामना होती है कि उनके बच्चे स्वस्थ रहें, पढ़ाई में मन लगाएं और जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ें। लेकिन जब बच्चों का मन भटकने लगे, पढ़ाई में बाधा आने लगे या जीवन की दिशा स्पष्ट न रहे, तब मन स्वाभाविक रूप से ईश्वर की शरण की ओर मुड़ता है। माना जाता है कि ऐसे समय में शिव साधना विशेष रूप से लाभकारी होती है, और सावन माह इस साधना के लिए अत्यंत शुभ समय होताहै। सावन की एकादशी विशेष रूप से बच्चों के मानसिक विकास, पढ़ाई की एकाग्रता और जीवन के मार्गदर्शन हेतु अत्यंत प्रभावी मानी जाती है। इस तिथि पर भगवान शिव के कमलेश्वर स्वरूप की पूजा की जाती है, जिन्हें सौम्यता, स्थिरता और मार्गदर्शक शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि कमलेश्वर महादेव भक्त की प्रार्थनाएं गहराई से सुनते हैं और उन्हें भीतर से शक्ति, शांति और स्पष्ट सोच प्रदान करते हैं। इसी दिव्य कृपा की प्राप्ति के लिए उत्तराखंड स्थित पवित्र कमलेश्वर महादेव मंदिर में इस एकादशी पर विशेष पूजा-अनुष्ठान का आयोजन हो रहा है। इस पूजन में 1008 दीपों का दीपोत्सव, 11 कमल पुष्पों की अर्चना और वेद विधि से रुद्राभिषेक किया जाएगा। दीपों का प्रकाश केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि जीवन के भीतर की नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा जगाने का प्रतीक माना जाता है। वहीं कमल पुष्प, जो सच्चाई और निर्मलता के प्रतीक माने जाते हैं।सिर्फ यहीं नहीं यह अनुष्ठान जिस पवित्र मंदिर में संपन्न हो रहा यह मंदिर भी कई पौराणिक घटनाओं से जुड़ा हुआ है।
मान्यता है कि भगवान विष्णु ने इसी स्थान पर शिव की आराधना की थी और जब एक कमल पुष्प अदृश्य हो गया, तो उन्होंने अपनी आंख अर्पित कर भक्ति का अनुपम उदाहरण दिया। इससे प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें सुदर्शन चक्र प्रदान किया। आज भी यह मंदिर उन श्रद्धालु माता-पिता के लिए विशेष महत्व रखता है जो अपनी संतान के कल्याण, मानसिक स्पष्टता और जीवन की उलझनों से मुक्ति की कामना करते हैं, तो देर न करें आप भी श्री मंदिर माध्यम से इस विशेष अनुष्ठान में भाग लें और महादेव से अपनों बच्चों के कल्याण हेतु दिव्य आशीष की प्राप्ति करें।