🛕 सावन की शुरुआत बन सकती है आपके जीवन के सभी दुखों और दुर्भाग्य का अंत
सावन का महीना हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो भगवान शिव की पूजा और आराधना के लिए विशेष माना गया है। शास्त्रों में इस महीने को आध्यात्मिक साधना और पूजा-पाठ की सिद्धि से भी जोड़ा जाता है। इस बार सावन का पहला दिन शुक्रवार को पड़ रहा है, जिससे यह दिन मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए भी एक दुर्लभ संयोग है। सृष्टि के रक्षक शिव और शक्ति, वैभव और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी की संयुक्त पूजा से आराधक को धन के नुकसान, नजर दोष और व्यापार में आ रही रुकावटों से राहत का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
अक्सर इंसान अपनी मेहनत के दम पर व्यापार शुरू तो कर लेता है लेकिन उसे आगे बढ़ाने और सफल बनाने में रुकावटें बढ़ती चली जाती हैं। नज़र दोष और दुर्भाग्य दृष्टि व्यापार पर इतनी हावी हो जाती है कि फायदे नुकसान में बदलने लगते हैं, काम ठहर जाता है और व्यापार किस दिशा में जा रहा है, व्यापारी को कुछ समझ नहीं आता। अगर आप ऐसी ही किसी परिस्थिति में फंसे हैं, तो सावन के दिव्य प्रारंभ में भगवान शिव और मां लक्ष्मी की शरण में जाने का इससे बेहतर अवसर नहीं हो सकता। श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, शक्तिपीठ माँ महालक्ष्मी अम्बाबाई मंदिर में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा इस अनुष्ठान को दिव्य काल में संपन्न कराया जाएगा।
🛕 श्री ओंकारेश्वर में ये अनुष्ठान किए जाएंगे:
🔸 11-द्रव्य संपत्ति रक्षा रुद्राभिषेक - हल्दी, कुमकुम, गन्ने का रस, घी, काले तिल, गुलाब जल, सफ़ेद चावल, बिल्व, केसर, नारियल पानी और चंदन के दुर्लभ द्रव्य के साथ दिव्य अभिषेक किया जाता है।
🔸 108 लक्ष्मी नरसिंह कवचम जाप - नरसिंह भगवान विष्णु के सबसे उग्र सुरक्षा रूप हैं, जब लक्ष्मी पीछे हटती हैं तो उनका कवच याचक के धन की संपूर्ण रक्षा करता है।
🛕 श्री कोल्हापुर महालक्ष्मी शक्तिपीठ के अनुष्ठान:
शास्त्रों के अनुसार, कोल्हापुर धाम वह जगह है, जहां मां लक्ष्मी हमेशा जागती हैं, यहाँ उनका रूप सक्रिय, उग्र और प्रतिक्रियाशील है, जो संपत्ति सुरक्षा आशीष के लिए जाना जाता है।
🔸संपूर्ण महालक्ष्मी हवन - कमल के बीज, सूखे मेवे, गुड़, गाय का घी, हल्दी और 9 अनाज जैसी समृद्धि सामग्री के साथ ये हवन दिव्य फलदायी माना गया है।
🔸 धन आकर्षण दीप दान एवं व्यापार रुकावट निवारण संकल्प - इससे आराधक के व्यापार की बाधाएं खत्म होती हैं और नए अवसर स्वत: बनने शुरू हो जाते हैं।
श्री मंदिर के माध्यम से आप भी सावन के प्रारंभ में ओंकारेश्वर-मां लक्ष्मी विशेष पूजा के सहभागी बनें और धन हानि, नज़र दोष और व्यापार में दुर्भाग्य से संपूर्ण सुरक्षा का दव्य आशीर्वाद प्राप्त करें।