🙏 पूर्णिमा के शुभ संयोग पर मां लक्ष्मी और भगवान नारायण की आराधना से पूर्ण करें मनोकामनाएं
अक्सर व्यापार में अचानक रुकावटें आनी शुरू हो जाती हैं, करियर ठहर जाता है, समृद्धि का मार्ग बेहद दूर हो जाता है। लाख प्रयासों के बावजूद असफलताएं जीवन का हिस्सा बनने लगती हैं और कुछ भी सकारात्मक नज़र नहीं आता। इस तरह के दोषों से मुक्ति पाने के लिए शास्त्रों में भगवान नारायण और मां लक्ष्मी के विशेष अनुष्ठान सुझाए गए हैं, जो विद्वान ब्राह्मणों द्वारा दिव्य काल में कराए जाते हैं। इन अनुष्ठानों के लिए पूर्णिमा तिथि चमत्कारिक तौर पर फलदायी मानी गई है।
विशेषकर आषाढ़ माह की पूर्णिमा सनातन धर्म में एक महत्वपूर्ण और पवित्र तिथि मानी जाती है, जिसे देश के कई हिस्सों में ‘गुरु पूर्णिमा’ नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि पूर्णिमा के शुभ काल में की गई आराधनाओं का जातक को कई गुना फल मिलता है। इसीलिए इस शुभ तिथि पर मथुरा के श्री दीर्घ विष्णु मंदिर में विशेष अनुष्ठान का आयोजन होने जा रहा है, जो व्यापार और करियर में समृद्धि और सफलता का आशीष दिलाने की शक्ति रखता है। इस विशेष पूजा में भगवान नारायण के साथ मां लक्ष्मी का भी आह्वान किया जाता है।
इस दिन भक्तगण विशेष अनुष्ठान इसलिए करते हैं ताकि उन्हें सुख, शांति, धन, ऐश्वर्य और जीवन में उन्नति प्राप्त हो। इन अनुष्ठानों में लक्ष्मी-नारायण पूजा, श्री सूक्त का पाठ और विष्णु-महालक्ष्मी यज्ञ प्रमुख हैं, जिन्हें अत्यंत फलदायी माना गया है। ऐसा उल्लेख मिलता है कि विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधिपूर्वक सम्पन्न इन विशेष अनुष्ठानों से न केवल व्यापार और कार्यक्षेत्र में सफलता के मार्ग प्रशस्त होते हैं, बल्कि पारिवारिक जीवन में प्रेम, सौहार्द और सकारात्मकता भी बढ़ती है।
🌸 वह दिव्य मंत्रपाठ, जिसकी महिमा का स्वयं देवी लक्ष्मी ने किया था शास्त्रों में वर्णन 🌺
श्री सूक्त का उल्लेख स्वयं देवी लक्ष्मी ने किया है, ऐसा शास्त्रों में वर्णित है। यह दिव्य स्तोत्र ऋग्वेद के दूसरे मंडल में स्थित है और इसे माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने हेतु विशेष रूप से पूजा-अनुष्ठानों में सम्मिलित किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि समुद्र मंथन के समय जब देवी लक्ष्मी प्रकट हुईं, तब उन्होंने भगवान नारायण को वरदान स्वरूप यह कहा था कि जो भी भक्त श्रद्धा और निष्ठा से इस सूक्त का पाठ करेगा, उसके जीवन में धन और ऐश्वर्य की कभी कमी नहीं होगी।
इस पुण्य अवसर पर श्री मंदिर द्वारा आयोजित इस दिव्य पूजा में सहभागी बनें और भगवान नारायण एवं माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें।