इस विशेष पूजा में भाग लेकर काल भैरव की कृपा प्राप्त करें और पाएं दुर्भाग्य से दिव्य सुरक्षा🔱🔥
बाबा काल भैरव, भगवान शिव का एक उग्र रूप हैं, जो समय के चक्र को नियंत्रित करते हैं। शास्त्रों में वर्णित है कि जो भक्त बाबा काल भैरव की पूजा करते हैं, वे न केवल नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षित रहते हैं, बल्कि जीवन की समस्त चुनौतियों और दुर्भाग्य पर विजय पाने का दिव्य आशीर्वाद भी प्राप्त करते हैं। इसीलिए, भगवान शिव की नगरी काशी में कालाष्टमी और निशीथ काल मुहूर्त के शुभ संयोग में काल भैरव को समर्पित एक विशेष पूजा का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कालाष्टमी के दिन ही भगवान भैरव प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन की गई पूजा से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को जीवन में आने वाली बाधाओं और दुर्भाग्य से सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह पूजा न केवल दुर्भाग्य और चुनौतियों से बचाव में सहायक है, बल्कि भगवान भैरव की संपूर्ण कृपा का आह्वान भी करती है। इसके फलस्वरूप, भक्त भगवान भैरव के आशीर्वाद से हर प्रकार की कठिनाई और बाधा से सुरक्षित रहते हैं।
इस विशेष पूजा का आयोजन काशी के श्री आदि काल भैरव मंदिर में किया जा रहा है। ऐसा कहा जाता है कि यही वह स्थान है जहाँ भगवान भैरव को ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति मिली थी। इसके पश्चात भगवान शिव ने घोषणा की कि काल भैरव ने समय के चक्र पर विजय प्राप्त की है और वे काशी के कोतवाल के रूप में नगर की रक्षा करेंगे। इस प्रकार, काल भैरव को न केवल सभी प्रकार की चुनौतियों और दुर्भाग्य को दूर करने वाले, बल्कि पूर्व जन्मों के समस्त कष्टों से मुक्ति देने वाले परम कृपालु देवता के रूप में पूजा जाता है। इसके अतिरिक्त, यह विशेष पूजा निशीथ काल में आयोजित की जा रही है, जिसे सनातन धर्म में अत्यंत प्रभावशाली और शुभ समय माना गया है। ऐसा विश्वास है कि इस पवित्र मध्यरात्रि मुहूर्त में दिव्य शक्तियाँ शीघ्र प्रसन्न होती हैं और साधक की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। यह समय धार्मिक साधनाओं और पूजा के लिए अत्यधिक फलदायी माना जाता है। आप भी श्री मंदिर के माध्यम से इस कालाष्टमी और निशीथ काल के शुभ संयोग में काशी के श्री आदि काल भैरव मंदिर में आयोजित मध्यरात्रि पूजा एवं अभिषेक में भाग लें और भगवान भैरव से जीवन की चुनौतियों और दुर्भाग्य से सुरक्षा का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करें।