सनातन परंपरा में शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख-सुविधा, वैभव, सुंदरता, वाहन सुख और प्रसिद्धि का कारक कहा गया है। जब जन्म कुंडली में शुक्र संतुलित और मजबूत होता है, तो जीवन में आराम, आकर्षण और आर्थिक स्थिरता बढ़ती है। इसी कारण शुक्र को संतुलित करने योग्य बनाने के लिए माँ लक्ष्मी की आराधना की जाती है, क्योंकि वे धन, समृद्धि और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी हैं। इस पावन उद्देश्य से 16,000 शुक्र मंत्र जाप और कनकधारा हवन का आयोजन किया जा रहा है।
कनकधारा हवन को माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का एक अत्यंत पवित्र माध्यम माना जाता है। मान्यता है कि माँ लक्ष्मी की आराधना से धन की स्थिरता, सुख-सुविधाओं की वृद्धि और सामाजिक सम्मान मिलता है। जब यह हवन शुक्र मंत्र जाप के साथ किया जाता है, तो यह पूजा जीवन में सकारात्मक अवसरों को आकर्षित करने और इच्छाओं को स्पष्ट करने की भावना से जुड़ जाती है। शुक्र मंत्र जाप व्यक्ति के व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ाने और जीवन में शुभ ऊर्जा को सक्रिय करने का प्रतीक माना जाता है।
आज के समय में हर व्यक्ति बेहतर जीवनशैली, आरामदायक साधन और समाज में पहचान चाहता है। लेकिन कई बार निरंतर प्रयासों के बावजूद मनचाही सफलता प्राप्त नहीं होती। ज्योतिष मान्यता के अनुसार, इसका एक कारण शुक्र ग्रह का असंतुलित प्रभाव भी हो सकता है। ऐसे समय में माँ लक्ष्मी की उपासना और शुक्र मंत्र जाप को जीवन में संतुलन और समृद्धि लाने का एक आध्यात्मिक मार्ग माना जाता है। यह पूजा केवल भौतिक सुखों की कामना तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को भी मजबूत करने की भावना से की जाती है।
इस पावन दिन किया गया मंत्र जाप और हवन सुख, समृद्धि और आकर्षण को आमंत्रित करने का प्रतीक माना जाता है। इस अनुष्ठान में विद्वान आचार्य वैदिक मंत्रों के साथ संकल्प लेकर जाप और हवन करते हैं, जिससे पूजा का फल सीधे साधक तक पहुँचने की भावना जुड़ी रहती है।
🌿 जानें यह पूजा क्यों महत्वपूर्ण है?
शुक्र ग्रह और माता लक्ष्मी की संयुक्त उपासना जीवन में भौतिक सुखों के साथ मानसिक संतुलन स्थापित करने का प्रतीक मानी जाती है। यह पूजा व्यक्ति को केवल धन प्राप्ति ही नहीं, बल्कि उसे सही दिशा में उपयोग करने की समझ, आत्मविश्वास और आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान करने की भावना से जुड़ी है। इससे जीवन में स्थिर प्रगति और सकारात्मक अवसरों के द्वार खुलने की कामना की जाती है।
श्री मंदिर के माध्यम से भक्त इस विशेष शुक्र–लक्ष्मी पूजा में भाग लेकर घर बैठे इस पावन अनुष्ठान से जुड़ सकते हैं। यह पूजा उन लोगों के लिए विशेष मानी जाती है जो जीवन में सुख-सुविधा, वाहन सुख, प्रसिद्धि और आर्थिक स्थिरता की कामना रखते हैं। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई यह आराधना जीवन में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और समृद्धि लाने की भावना से जुड़ी मानी जाती है।