🪷 एकादशी तिथि भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय मानी गई है, जबकि गुरुदेव बृहस्पति को धर्म, सद्बुद्धि और वैवाहिक सामंजस्य का कारक माना जाता है। वर्ष आरंभ में एकादशी पर बृहस्पति देव और विष्णु जी की संयुक्त आराधना से रिश्तों में आई कड़वाहट दूर होती है और आपसी समझ व प्रेम बढ़ता है। शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिव्य काल में 16,000 बृहस्पति ग्रह मूल मंत्र जाप एवं सुदर्शन हवन से आदर्श-मनचाहे जीवनसाथी का मार्ग आसान हो सकता है। यह साधना दांपत्य जीवन, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक रिश्तों में स्थिरता प्रदान करने वाली मानी गई है। बृहस्पति देव की कृपा से गलतफहमियां दूर होती हैं, जबकि विष्णु जी के आशीर्वाद से संबंधों में धैर्य, विश्वास और सौहार्द का संचार होता है, जिससे जीवन में शांति और सुखद संबंध स्थापित होने शुरू हो जाते हैं।
🪷 एकादशी तिथि भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय मानी गई है, जबकि गुरुदेव बृहस्पति को धर्म, सद्बुद्धि और वैवाहिक सामंजस्य का कारक माना जाता है। एकादशी पर बृहस्पति देव और विष्णु जी की संयुक्त आराधना करने से रिश्तों में आई कड़वाहट दूर होती है और आपसी समझ व प्रेम बढ़ता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन विधिपूर्वक व्रत, विष्णु मंत्र जप और बृहस्पति देव को पीले वस्त्र, चने की दाल या हल्दी अर्पित करने से वाणी में मधुरता और व्यवहार में संतुलन आता है। यह साधना दांपत्य जीवन, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक रिश्तों में स्थिरता प्रदान करती है। बृहस्पति देव की कृपा से गलतफहमियां दूर होती हैं, जबकि विष्णु जी के आशीर्वाद से संबंधों में धैर्य, विश्वास और सौहार्द का संचार बढ़ता है, जिससे जीवन में शांति और सुखद संबंध स्थापित हो सकते हैं।
🪷 उज्जैन स्थित नवग्रह शनि धाम में एकादशी तिथि पर किया जाने वाला सुदर्शन हवन अत्यंत पुण्यदायी और कल्याणकारी माना गया है। एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित तिथि है और सुदर्शन चक्र को उनकी सर्वोच्च रक्षा शक्ति के रूप में पूजा जाता है। इस पावन दिन सुदर्शन हवन करने से नकारात्मक ऊर्जा, पितृ बाधा, शत्रु प्रभाव और मानसिक अशांति का नाश होता है। नवग्रह शनि मंदिर में ग्रह तत्व की विशेष उपस्थिति मानी जाती है, जिससे हवन का फल कई गुना बढ़ जाता है। विधिपूर्वक संपन्न सुदर्शन हवन से जीवन में आ रही अड़चनें दूर होती हैं, रिश्तों में मिठास बढ़ती है, निर्णय क्षमता मजबूत होती है और कार्यों में सफलता के द्वार खुल सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार, एकादशी पर किया गया यह हवन साधक को दिव्य सुरक्षा कवच प्रदान करता है और आपसी रिश्तों में शांति, स्थिरता व सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
✨ श्री मंदिर द्वारा 16000 बृहस्पति ग्रह मूल मंत्र जाप एवं सुदर्शन हवन में भाग लें और आदर्श जीवनसाथी और रिश्ते में खुशहाली के लिए आशीर्वाद पाएं!