🔱 सावन का पहला शुक्रवार – त्रिदेव पूजा के इस शुभ अवसर पर पाएं आर्थिक सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि के लिए त्रिगुणात्मक कृपा 🙏✨
सावन माह भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत पावन और ऊर्जावान समय माना जाता है। इस वर्ष इसकी शुरुआत शुक्रवार से हो रही है, जो माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। जब सावन का पहला दिन और शुक्रवार एक साथ आते हैं, तो यह संयोग धन, सुरक्षा और टिकाव के लिए बहुत फलदायी माना गया है।
ऐसे शुभ दिन पर तीन दिव्य शक्तियों की संयुक्त पूजा अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है:
🙏 माँ लक्ष्मी – जो धन, सौभाग्य और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
🙏 भगवान कुबेर – जो धन को स्थिर रखने, संचित करने और बढ़ाने में सहायक हैं।
🙏 बटुक भैरव – भगवान शिव का रक्षक बाल स्वरूप, जो धन को नज़र दोष, रुकावटों और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षित रखते हैं।
सावन का पहला शुक्रवार केवल शिव भक्ति का नहीं, बल्कि धन और शक्ति की रक्षा का भी विशेष दिन होता है। ऐसा माना जाता है कि माँ लक्ष्मी के आशीर्वाद से धन आता है, कुबेर की कृपा से वह टिकता है, और भैरव की उपासना से वह सुरक्षित रहता है। इन्हीं त्रिदेवों की कृपा पाने के लिए श्री मंदिर द्वारा एक विशेष त्रिगुणात्मक पूजन अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सम्मिलित हैं:
🔸 11,000 कुबेर मूल मंत्र जाप – आर्थिक स्थिरता और समृद्धि के लिए
🔸 बटुक भैरव कवच पाठ – नज़र दोष और बाधाओं से सुरक्षा के लिए
🔸 श्री सूक्त हवन – माँ लक्ष्मी की कृपा और शुभ ऊर्जा के लिए
यह विशेष पूजा दक्षिण भारत के सिद्ध शक्ति स्थल एत्तेलुथुपेरुमाल मंदिर, तिरुनेलवेली में संपन्न होगी, जहाँ माँ लक्ष्मी के विशिष्ट रूप की आराधना की जाती है। यदि आप चाहते हैं कि सावन की शुरुआत धन की सुरक्षा, स्थिरता और दिव्य ऊर्जा के साथ हो, तो इस शुभ संयोग में भाग लें और तीनो देवताओं की संयुक्त कृपा का आशीर्वाद प्राप्त करें।